रुड़की में युवक ने बाजार में चाकू से अपनी गर्दन काट ली. युवक ने मार्केट से ही चाकू खरीदा था.
रुड़की: हरिद्वार जिले के रुड़की में एक युवक ने चाकू से अपनी ही गर्दन काट ली. घटना की जानकारी पुलिस को दी गई. सूचना मिलते ही तत्काल पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायल युवक को अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया, जहां से अस्पताल के चिकित्सकों ने उसकी हालत को गंभीर मानते हुए हायर सेंटर रेफर किया गया. घायल युवक दिल्ली का निवासी बताया जा रहा है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है.
दरअसल, रुड़की शहर के व्यस्त गणेश चौक के पास सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक ने दुकान से महज 10 रुपए में चाकू खरीदा और कुछ ही देर बाद उसी चाकू से अपनी गर्दन काट ली. अचानक हुई इस घटना से आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. युवक को खून से लथपथ देखकर मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई.
घटना के समय मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अरमान निवासी जनता मजदूर कॉलोनी दिल्ली, रुड़की रेलवे स्टेशन की ओर से गणेश चौक की तरफ आ रहा था. जैसे ही वह तुलसी हॉस्पिटल के पास पहुंचा तो उसने अचानक धारदार चाकू से अपनी गर्दन पर वार कर लिया और युवक घायल होते ही सड़क पर गिर गया. घटना के बाद आसपास के दुकानदार और राहगीर मौके पर पहुंचे. इसी बीच किसी शख्स ने पुलिस को घटना की जानकारी दी.
सूचना मिलते ही तत्काल पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पुलिस ने घायल युवक को अपनी ही गाड़ी से उपचार के लिए रुड़की के सरकारी अस्पताल ले जाया गया. जहां पर चिकित्सकों ने उसका प्राथमिक उपचार किया, लेकिन गर्दन पर गंभीर चोट होने के कारण उसकी हालत चिंताजनक बताई गई और चिकित्सकों ने उसे बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया. घटना के बाद कुछ देर तक गणेश चौक पर लोगों की भीड़ लगी रही.
युवक ने आखिर किस वजह से अपनी गर्दन पर चाकू से वार किया, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है. पुलिस युवक के बारे में जानकारी जुटाने के साथ ही घटना के कारणों की जांच कर रही है.
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची थी. घायल को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे हायर सेंटर के लिए रेफर किया गया है. युवक ने बाजार में एक दुकान से 10 रुपए का चाकू खरीदकर खुद को घायल किया. घायल युवक के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है. पुलिस ये भी पता लगा रही है कि युवक ने ये खौफनाक कदम किन कारणों की वजह से उठाया है.
-दीप कुमार, एसएसआई, गंगनहर कोतवाली-