
रक्षा भू-सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान ने उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमस्खलन का अलर्ट जारी किया है
देहरादून। उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बढ़ते हिमस्खलन (एवलांच) के खतरे को देखते हुए रक्षा भू-सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान चंडीगढ़ ने अलर्ट जारी किया है।

बुलेटिन के अनुसार चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि रुद्रप्रयाग और बागेश्वर में चेतावनी दी गई है। यह अलर्ट शुक्रवार शाम 5 बजे से शनिवार शाम 5 बजे तक प्रभावी रहेगा।
बुलेटिन के मुताबिक, चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ के 2700 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन का खतरा स्तर-3 (ऑरेंज) पर बना हुआ है, जिसे असुरक्षित श्रेणी में रखा गया है। वहीं, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर में खतरा स्तर-1 (ग्रीन) दर्ज किया गया है, जहां स्थिति सामान्य मानी जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऊंचाई वाले अधिकांश इलाकों में बर्फ की परत अस्थिर बनी हुई है, जिससे मध्यम आकार के हिमस्खलन की आशंका है। ऐसे में संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने और विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
चेतावनी में कहा गया है कि बर्फ से लदे ढलानों पर आवाजाही पूरी तरह टालें और केवल सुरक्षित मार्गों का ही उपयोग करें।
साथ ही, हिमस्खलन संभावित क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम और बर्फ की स्थिति तेजी से बदल सकती है, इसलिए सभी गतिविधियों में अतिरिक्त सतर्कता बरतना जरूरी है।









