राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या से जुड़े मामले पर कहा कि इसकी उचित मंच से जांच होनी चाहिए। उन्होंने घरेलू हिंसा और महिला उत्पीड़न रोकने के लिए समाज की सोच में बदलाव की आवश्यकता पर भी बल दिया।
देहरादून। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के साथ जिस तरह का मामला सामने आया, वह नहीं होना चाहिए था। वह सरकार में काम कर रही हैं और महिलाओं का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि जब समाज में महिलाओं को नीचा दिखाने का विषय होता है, तब ऐसी बात आती है। मंत्री आर्या के साथ जो गलत हुआ, वह नहीं होना चाहिए था। जो गलत हुआ है, उनकी बात सुनते हुए उन्हें राहत मिलनी चाहिए। यद्यपि, यह उनका निजी मामला है, लेकिन उचित जगह पर उचित प्लेटफार्म से जांच होनी चाहिए, तब तक हमें इंतजार करना चाहिए।
रहाटकर ने शुक्रवार को पुलिस लाइन के सभागार में पत्रकारों से बातचीत में मंत्री रेखा आर्या से जुड़े प्रकरण से संबंधित प्रश्न पर उक्त बातें कहीं। उन्होंने कहा कि महिला पुरुष के साथ बराबरी से चलती है। जिम्मेदारी निभाती है।
यद्यपि, महिलाओं को बराबरी का अधिकार मिल रहा है, लेकिन अभी भी कुछ लोग हैं, जिनके कारण महिला हिंसा व उत्पीड़न के मामले आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को नीचा दिखाने और कम समझने की मानसिकता के साथ उत्पीड़न भी आता है, अन्याय भी होता है। ऐसे में समाज में सोच बदलाव होना चाहिए।
आयोग की प्री-मैरिज काउंसिलिंग सेंटर योजना के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि शादी से पहले यह समझ बढ़नी चाहिए कि एक-दूसरे के साथ कैसे चलना है, ताकि बाद में कोई अड़चन न हो। इसी उद्देश्य से यह योजना प्रारंभ की गई है।
उत्तराखंड सरकार भी इस योजना पर आगे बढ़ी हे। सभी जिलों में इन सेंटर ने कार्य शुरू कर दिया है और युवा इसमें चर्चा के लिए आ रहे हैं। हालांकि, यह चर्चा केवल सेंटर तक ही नहीं, बल्कि घर-परिवार में भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिला अधिकारों से जुड़े कानूनों की जानकारी देने के आयोग ने कई कदम उठाए हैं।



