Big Breaking:-देहरादून में सॉफ्टवेयर बेचने के झांसे में ढाई करोड़ की धोखाधड़ी, कंपनी पर केस दर्ज

देहरादून में इंफोमो ग्लोबल लिमिटेड के साथ सॉफ्टवेयर बेचने के नाम पर ढाई करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।

देहरादून। सॉफ्टवेयर बेचने का झांसा देकर आइटी पार्क स्थित इंफोमो ग्लोबल लिमिटेड (आइजीएल) प्राइवेट लिमिटेड के साथ कारपोरेट धोखाधड़ी व डेटा दुरुपयोग का मामला सामने आया है।

इस मामले में आइजीएल के अंतर्गत इंफोमो डिजिटल मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक ने राजपुर थाने में तहरीर दी है। शिकायत में केरल और कर्नाटक के कंपनी सहित पांच आरोपितों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले में राजपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।

ये है मामला

राघवेंद्र अग्रवाल ने बताया कि इंफोमो डिजिटल मीडिया प्राइवेट लिमिटेड आइजीएल की सहायक कंपनी है, जबकि वह आइजीएल में निदेशक पद पर तैनात हैं। आरोपित समदीप वर्गीस निवासी वलोन रोड, कोच्चि, केरल, दिलीप रामचंद्र निवासी एलएलआर मार्ग, कुंजिबेट्टू, उडुपी कर्नाटक, संजू पुलियानकलाथ निवासी थेनकुरिसि, पलक्कड़, केरल, हृषिकेश मेनन निवासी मारुथारोड पलक्कड़, केरल ने खुद को एमएन शेट्टी टेक्नोलाजी प्राइवेट लिमिटेड का प्रतिनिधि बताया।

आरोपितों ने ‘नंटियम’ नामक सॉफ्टवेयर बेचने के नाम पर आइजीएल से संपर्क किया और उसकी कार्यक्षमता व व्यावसायिक उपयोगिता को लेकर कई दावे किए।

शिकायतकर्ता ने बताया कि दावों से प्रभावित होकर कंपनी ने अप्रैल 2020 में सॉफ्टवेयर के लिए 35 लाख रुपये का भुगतान किया और इक्विटी शेयर भी आरोपितों को आवंटित किए। कंपनी का आरोप है कि भुगतान और शेयर ट्रांसफर के बाद भी आरोपितों ने सॉफ्टवेयर का सोर्स कोड उपलब्ध नहीं कराया और सॉफ्टवेयर भी वादे के अनुरूप काम नहीं कर पाया। इससे कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।

बताया कि इस समझौते में कंपनी से करीब ढाई करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई है। राजपुर थानाध्यक्ष पीडी भट्ट ने बताया कि तहरीर के आधार पर कंपनी व उनके प्रतिनिधियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है।

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