
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर बने 14 किलोमीटर लंबे वन्यजीव गलियारे से उत्तराखंड के वन्यजीव अब पड़ोसी राज्यों में विचरण कर सकेंगे। इसके साथ ही, चारों राज्यों के वन क्षेत्रों को मिलाकर ट्रांस बाउंड्री टाइगर रिजर्व की स्थापना की दिशा में कवायद चल रही है।
देहरादून। उत्तराखंड के जंगलों से निकलकर बाघ, गुलदार, हाथी समेत दूसरे वन्यजीव अब पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश, हिमाचल व हरियाणा की सीमाओं में बेखौफ विचरण कर सकेंगे। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर गणेशपुर से डाटकाली तक एलिवेटेड रोड के रूप में बने 14 किलोमीटर लंबे वन्यजीव गलियारे ने यह राह खोली है।
इसके साथ ही वन्यजीवों की सुरक्षा के दृष्टिगत चारों राज्यों के वन क्षेत्र को मिलाकर ट्रांस बाउंड्री टाइगर रिजर्व की स्थापना की दिशा में कवायद चल रही है। उत्तराखंड ने इसकी पहल की है और इस माह के तीसरे सप्ताह में चारों राज्यों के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक समेत अन्य अधिकारियों की बैठक बुलाई गई है। बैठक में ट्रांस बाउंड्री टाइगर रिजर्व के प्रस्ताव पर चर्चा होगी।
हिमालय की ऊंची चोटियों में बर्फबारी, निचले पहाड़ी क्षेत्रों में वर्षा व ओलावृष्टि
उत्तराखंड में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव बरकरार है। हिमालय की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी का क्रम जारी है। केदारनाथ की ऊंची चोटियों में सुबह बर्फबारी हुई। पहाड़ों में वर्षा व ओलावृष्टि हुई। नैनीताल में करीब चार घंटे तक जोरदार वर्षा व ओलावृष्टि हुई।
देहरादून व मसूरी में शाम को मौसम ने करवट ली और तेज हवा के साथ झमाझम बौछारें पड़ीं। राज्य के ज्यादातर क्षेत्रों में रुक-रुककर वर्षा का क्रम जारी है। अधिकतर क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी कम पहुंच गया है।
मई में सुबह-शाम ठिठुरन महसूस हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं गर्जन के साथ बौछारें पड़ने, अंधड़ और आकाशीय बिजली चमकने के आसार हैं। इसका यलो अलर्ट जारी किया गया है।









