देहरादून में बेहद दर्दनाक सड़क हादसे में दंपति समेत चार की मौत हो गई। कंटेनर कार के ऊपर पलट गया। कार के अंदर फंसे 6 साल के मासूम को छत और खिड़कियां काटकर बाहर निकाला।
देहरादून के मोहब्बेवाला में एक भीषण सड़क हादसा हो गया। दिवाली की खरीददारी कर देहरादून से सहारनपुर लौट रहे एक दंपति की कार पर एक बेकाबू कंटेनर डिवाइडर से टकराकर पलट गया। हादसे में जीएसटी के वकील, उनकी पत्नी, मां और चालक की मौत हो गई। कार में फंसे दंपति के छह वर्षीय बेटे को सवा दो घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाल लिया गया।
यह दर्दनाक हादसा दून-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर मोहब्बेवाला चौक के पास दोपहर करीब 3:30 बजे हुआ। सहारनपुर निवासी 38 वर्षीय विश्वेश कपूर अपनी पत्नी निशा आनंद कपूर (38), मां किरण कपूर (63) और छह वर्षीय बेटे माहेर कपूर के साथ दीवाली की खरीदारी कर दून लौट रहे थे। विश्वेश का माजरा के चमन विहार स्थित अटलांटिक टावर में मकान है। उनके साथ चालक नीरज भी था।
बेहद स्पीड में था कंटेनर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मोहब्बेवाला चौक के पास स्पीड ब्रेकर पर कंटेनर अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ते हुए कार पर पलट गया। भारी कंटेनर के नीचे दबकर कार पिचक गई। मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस और दमकल टीम ने बचाव कार्य शुरू किया। प्लास्टिक दानों के कट्टों से लदा कंटेनर इतना भारी था कि उसे हटाना बड़ी चुनौती बन गया। क्रेन की मदद से शाम करीब 5:50 बजे कंटेनर हटाया जा सका।
छत और खिड़कियां काटकर बच्चे को बाहर निकाला
इसके बाद कटर से कार की छत और खिड़कियां काटी गईं। टीम ने चारों शवों को बाहर निकाला। इसी दौरान कार के भीतर छह वर्षीय माहेर जीवित मिला। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे के बाद कंटेनर का चालक और क्लीनर मौके से फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश में दबिश दे रही है।
पौड़ी में अग्निशमन अधिकारी घूस लेते गिरफ्तार
लैंसडौन में निर्माणाधीन होटल की फायर एनओसी जारी करने के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में विजिलेंस ने कोटद्वार फायर स्टेशन के प्रभारी अग्निशमन अधिकारी भूपेश त्यागी को गिरफ्तार किया है। बुधवार को विजिलेंस टीम ने उन्हें 6 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा।
आरोप है कि अधिकारी ने होटल व्यवसायी से फायर एनओसी जारी करने के लिए 20 हजार रुपये मांगे थे। होटल व्यवसायी रिश्वत नहीं देना चाहता था। उसने इसकी शिकायत देहरादून स्थित सतर्कता विभाग से की थी। बुधवार को शिकायतकर्ता के जरिए रिश्वत की रकम दिलवाई गई। इसी दौरान टीम ने अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया।
सतर्कता विभाग के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी। विभागीय कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को भी रिपोर्ट भेजी जाएगी।



