Big Breaking:-आढ़त बाजार शिफ्टिंग से खुलेगा देहरादून का ‘चोक गला’, 24 मीटर चौड़ी होगी 1.55 किमी सड़क

देहरादून में आढ़त बाजार शिफ्टिंग परियोजना निर्णायक चरण में है। एमडीडीए दिसंबर तक सहारनपुर चौक से तहसील चौक तक 1.55 किमी सड़क को 24 मीटर चौड़ा कर यातायात जाम कम करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है।

देहरादून। शहर के सबसे पुराने ट्रैफिक अवरोधों में शामिल आढ़त बाजार क्षेत्र की शिफ्टिंग अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। मसूरी देहरादून विकास प्राकरण (एमडीडीए) ने मुआवजा और रजिस्ट्री प्रक्रिया तेज करते हुए सड़क चौड़ीकरण परियोजना को गति दी है।

लक्ष्य है कि इस वर्ष दिसंबर तक परियोजना पूरी कर शहर के मध्य हिस्से में वर्षों से बना यातायात दबाव काफी हद तक कम कर दिया जाए। परियोजना के पूरी होने पर शहर के बीचोंबीच लंबे समय से बना ट्रैफिक का ‘चोक प्वाइंट’ खुलने की उम्मीद है।

सहारनपुर चौक से तहसील चौक तक 1.55 किलोमीटर सड़क को 24 मीटर चौड़ा किया जाना है। यह वही हिस्सा है जहां रोजाना भारी वाहनों, थोक कारोबार और संकरी सड़क के कारण शहर की यातायात व्यवस्था सबसे अधिक प्रभावित रहती है। परियोजना पूरी होने के बाद इस मार्ग पर ट्रैफिक प्रवाह सुचारु होने, जाम घटने और पुराने बाजार क्षेत्र में आवागमन आसान होने की उम्मीद है।

अब तक आढ़त बाजार क्षेत्र की 52 संपत्तियों की रजिस्ट्री लोक निर्माण विभाग उत्तराखंड के पक्ष में कराई जा चुकी है। प्रभावित लोगों को लगभग 30 करोड़ रुपये के मुआवजे के चेक दिए जा चुके हैं। पहले चरण में 80 संपत्तियों की रजिस्ट्री कराई जानी है, जिसके लिए 25 हजार रुपये प्रति रजिस्ट्री की दर से करीब 20 लाख रुपये एमडीडीए पहले ही विभाग को हस्तांतरित कर चुका है।

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया कि मुआवजा व भूखंड आवंटन की पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ चल रही है ताकि प्रभावितों को समय पर राहत मिले और परियोजना बिना रुकावट आगे बढ़े। सड़क चौड़ीकरण के बाद पुराने बाजार क्षेत्र में फुटपाथ, स्ट्रीट लाइटिंग और सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा, जिससे शहर का यह हिस्सा नया स्वरूप लेगा।

विवादित संपत्तियों का रास्ता भी साफ

परियोजना में बाधा बनी 30 विवादित संपत्तियों का भी अधिग्रहण किया जा रहा है। आढ़त बाजार व इनामुल्ला बिल्डिंग क्षेत्र की इन संपत्तियों में स्वामित्व या किरायेदारी को लेकर न्यायालय में वाद लंबित हैं। प्राधिकरण की ओर से इनका मूल्यांकन कर मुआवजा न्यायालय में जमा कराया जा चुका है, ताकि कानूनी प्रक्रिया चलते हुए भी सड़क चौड़ीकरण प्रभावित न हो।

देहराखास में नया बाजार अंतिम चरण में

देहराखास में करीब 10 हेक्टेयर क्षेत्र में नया आढ़त बाजार लगभग अंतिम चरण में है। पांच मंजिला मल्टीस्टोरी पार्किंग, ओवरहेड टैंक और मुख्य सड़कें तैयार हो चुकी हैं। हरिद्वार बाईपास से बाजार तक दो समानांतर मार्ग विकसित किए जा रहे हैं। नए बाजार में प्लाट आवंटन और रजिस्ट्री की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। कुल 422 संपत्तियां परियोजना की जद में हैं। अधिकांश प्रभावित मुआवजा, प्लाट या दोनों विकल्प स्वीकार कर चुके हैं।

डिप्लोमा इंजीनियर्स की हड़ताल के कारण लोनिवि में कार्य प्रभावित होने से रजिस्ट्री की प्रक्रिया थम गई थी, जो अब फिर शुरू हो गई है। 52 रजिस्ट्रियां हो चुकी हैं, जबकि 65 तैयार हैं। कुल 422 संपत्तियों में से 20 सरकारी व शेष निजी हैं। इनमें 166 संपत्तियों को नगद मुआवजा देना है। इस 15-16 अप्रैल से नए आढ़त बाजार में प्लाट आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। – बंशीधर तिवारी, उपाध्यक्ष एमडीडीए

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