Big Breaking:-Delhi-Dehradun Expressway से दून में बढ़ेगा ट्रैफिक, 8000 करोड़ के आठ प्रोजेक्ट दिलाएंगे निजात

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे 14 अप्रैल को खुलेगा, जिससे दून में यातायात बढ़ेगा। इसे संभालने के लिए ₹8000 करोड़ के 8 प्रोजेक्ट चल रहे हैं।

देहरादून। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर फर्राटा भरने की हसरत 14 अप्रैल को पूरी हो जाएगी। देशवासियों ने इस पल का वर्ष 2021-22 से बेसब्री से किया है। दिल्ली और देहरादून के बीच आवागमन सुगम होगा तो वाहनों का दबाव भी बढ़ेगा।

ऐसे में पहले से ही वाहनों के दबाव में हांफ रही दून की सड़कें दिल्ली की तरफ से आने वाले वाहनों के 25 से 30 प्रतिशत अतिरिक्त कैसे झेल पाएंगी? यह सवाल हर एक नागरिक के मन को बेचैन कर रहा है। बेशक एक्सप्रेसवे के खुलने के बाद दून की सड़कों की स्थिति चुनौतीपूर्ण हो जाएगी। लेकिन, आने वाले दो से तीन साल के भीतर यह अतिरिक्त दबाव दूर हो जाएगा।

क्योंकि, राज्य और केंद्र सरकार की निर्माण एजेंसियां वर्तमान में आठ ऐसी परियोजनाओं पर आगे बढ़ रही हैं, जो दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के साथ ही पांवटा साहिब राजमार्ग और हरिद्वार राजमार्ग की तरफ से आने वाले दबाव को आपस मे बांट लेंगी। करीब 08 हजार करोड़ की ये परियोजनाएं देहरादून की यातयात व्यवस्था को क्रांतिकारी रूप से बदलने में सक्षम मानी जा रही हैं।

एक्सप्रेसवे से दून में प्रवेश करते ही मसूरी राजमार्ग पर ले जाएगा बिंदाल कारिडोर

जो यात्री दिल्ली की तरफ से मसूरी के लिए प्रस्थान करेंगे, वह एक्सप्रेसवे पर फर्राटा भरते हुए इस परियोजना के अंतिम छोर आशारोड़ी पर पहुंचेंगे। फिलहाल, तो वह सीधे आइएसबीटी से शहर में प्रवेश करेंगे, लेकिन भावी परियोजनाओं के धरातल पर उतरने की दशा में वह वहीं से दो अलग-अलग एलिवेटेड रोड पर सफर करेंगे।

सबसे पहले वह मोहकमपुर से आशारोड़ी तक बनने वाली करीब 12 किमी एलिवेटेड रोड पर आएंगे और फिर प्रस्तावित बिंदाल कारीडोर पर सफर करते हुए राजपुर रोड पर साईं मंदिर के पास पहुंचेंगे। यहां से वह मसूरी के लिए निकल जाएंगे।

दिल्ली से ऋषिकेश और हरिद्वार की तरफ जाना भी होगा सुगम

एक्सप्रेसवे से सफर करते हुए ऋषिकेश और हरिद्वार की तरफ जाने वाले वालों का दबाव भी शहर में नहीं पड़ेगा। क्योंकि, दो वर्ष के भीतर आशारोड़ी से मोहकमपुर के बीच नई एलिवेटेड रोड बन जाएगी। जो सीधे एक्सप्रेसवे के दबाव को शहर के हिस्से को बाईपास करते हुए हरिद्वार राजमार्ग पर मोहकमपुर रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) के पार पहुंचा देगी। यह परियोजना डीपीआर के अंतिम चरण में है।

दिल्ली एक्सप्रेसवे से पांवटा साहिब राजमार्ग पर जाना है तो दून आने की जरूरत नहीं

वर्तमान में एनएचएआइ आशारोड़ी से झाझरा के बीच करीब 11 से 12 किमी लंबा नया फोरलेन हाइवे बना रहा है। इसका पहले सिरा एक्सप्रेसवे से शुरू होगा, जबकि दूसरा सिरा पांवटा साहिब राजमार्ग को जोड़ते हुए झाझरा तक पहुंचेगा।

मान लीजिए जिन यात्रियों को एक्सप्रेसवे के बाद पांवटा साहिब की तरफ जाना है तो उन्हें देहरादून में प्रवेश करते हुए शिमला बाईपास रोड या जीएमएस रोड तक आने की जरूरत नहीं होगी। वह सीधे आशारोड़ी से झाझरा की तरफ रुख कर सकेंगे। ऐसे में दून की तरफ ऐसे वाहनों का दबाव शून्य हो जाएगा।

यही प्रक्रिया पांवटा साहिब की तरफ से एक्सप्रेसवे पर जाने वाले वाहन भी अपनाएंगे। यह फोरलेन हाइवे 1500 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि सालभर से भीतर यह धरातल पर उतर जाएगा।

हरिद्वार की तरफ से मसूरी जाना भो होगा आसान

जिस तरह एक्सप्रेसवे की तरफ से मसूरी जाने वाले वाहनों की राह बिंदाल कॉरिडोर आसान करेगा, उसी तरह हरिद्वार और ऋषिकेश की तरफ से वाहनों का दबाव इसी परियोजना का दूसरा भाग रिस्पना कॉरिडोर कम करेगा। इस कॉरिडोर पर रिस्पना पुल के पास से वाहन चढ़ेंगे और नागल पुल के पास उतरेंगे।

आशारोड़ी-मोहकमपुर एलिवेटेड रोड पर दो जगह रिस्पना-बिंदाल कॉरिडोर से जुड़ेंगे

अब तक यह साफ हो चुका है कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे जहां पर खत्म होगी, वहीं से वह आशारोड़ी-मोहकमपुर एलिवेटेड रोड से जुड़ेगी। इसी एलिवेटेड रोड पर रिस्पना-बिंदाल कॉरिडोर कारगी के पास और रिस्पना पुल क्षेत्र में आपस के कनेक्टेड होंगे। इन भाग पर मध्यवर्ती (इंटरमीडिएट) जंक्शन बनेंगे, ताकि वाहन अपनी लेन और सड़क आसानी से बदल सकें।

भानियावाला से ऋषिकेश तक सड़क चौड़ीकरण देगा राहत

एक्सप्रेसवे होते हुए जो वाहन हरिद्वार जाएंगे, उनके लिए राजमार्ग पहले से चौड़ा है। हालांकि, इस राजमार्ग से भानियावाला जंक्शन से ऋषिकेश तक की सड़क अपेक्षाकृत कम चौड़ी है।

वहीं, रानीपोखरी के डांडी से आगे वन क्षेत्र के चलते सड़क बेहड़ी संकरी है और सात मोड़ वाले स्थान पर तीव्र घुमाव भी हैं। इस पूरे 20 किमी से अधिक भाग को चौड़ा किया जा रहा है। परियोजना पर धरातलीय कार्रवाई शुरू की जा चुकी है।

पांवटा साहिब राजमार्ग के ट्रैफिक को थामने को दो परियोजनाएं

पांवटा साहिब राजमार्ग का चौड़ीकरण पूरा हो चुका है और अंतिम चरण के कुछ कार्यों के साथ ही इसके औपचारिक लोकार्पण का इंतजार है। जाहिर है कि इस भाग से चौड़ीकरण के बाद हिमाचल और चंडीगढ़ की तरफ से भी वाहनों का अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।

ऐसे वाहनों को शहर में प्रवेश से रोकने के लिए सेलाकुई/झाझरा के पास से मसूरी के लिए 42 किलोमीटर लंबी नई सड़क बनाई जा रही है। साथ ही गढ़ी कैंट के सप्लाई एरिया से लंबीधार किमाड़ी मार्ग को सिंगल से डेढ़ लेन किया जा रहा है।

भंडारी बाग आरओबी घटाएगा दबाव

एसक्प्रेसवे के शुरू हो जाने के तत्काल बाद शहर पर वाहनों का जो अतिरिक्त दबाव पड़ेगा, उसे कम करने में भंडारी बाग रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) अहम भूमिका निभा सकता है। क्योंकि, यह परियोजना अगले चार माह में पूरी हो सकती है। जिससे हरिद्वार बाईपास की तरफ से प्रिंस चौक और सहारनपुर रोड की तरफ जाने वाले वाहनों के लिए अतिरिक्त वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगा।

रिस्पना पुल से शहर के भीतर के दबाव को कम करेगी नई एलिवेटेड रोड

दिल्ली-देहरादून-हरिद्वार राजमार्ग से सीधे जुड़े रिस्पना पुल पर वाहनों का दबाव अत्यधिक रहता है। इस भाग पर राजमार्ग के साथ ही शहर के बीच आवागमन करने वाले वाहनों का दबाव भी राहत है।

लिहाजा, इस अतिरिक्त दबाव को कम करने के लिए रिस्पना पुल के पास से आराघर तक एक एलिवेटेड रोड बनाई जा रही है। फिजिबिलिटी सर्वे में परियोजना को उपयुक्त पाया गया है।

यह है परियोजनाओं की तस्वीर

आशारोड़ी-मोहकमपुर एलिवेटेड रोड

  • कुल लंबाई, 12 किमी
  • कुल बजट, 1400 से 1500 करोड़
  • वर्तमान स्थिति, डीपीआर लगभग तैयार
  • विशेषता, एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ेगी और दो स्थानों और बिंदाल और रिस्पना कॉरिडोर से कनेक्ट होगी

रिस्पना-बिंदाल कॉरिडोर (दो परियोजना)

  • कुल लंबाई, करीब 26 किमी
  • बजट, लगभग 6200 करोड़
  • वर्तमान स्थिति, जमीन अधिग्रहण की प्रक्रियाधीन
  • विशेषता, मोहकमपुर-आशारोड़ी एलिवेटेड रोड को कारगी और रिस्पना पुल क्षेत्र में कनेक्ट करेगी दोनों के अंतिम सिरे मसूरी रोड से जुड़ेंगे


आशारोड़ी-झाझरा राजमार्ग

  • कुल लंबाई, 11 से 12 किमी
  • बजट, करीब 1600 करोड़ रुपये
  • वर्तमान स्थिति, 50 प्रतिशत काम पूरा
  • विशेषता, एक्सप्रेसवे और पांवटा साहिब राजमार्ग के बीच आवागमन की दशा में बेहतर विकल्प

मसूरी वैकल्पिक मार्ग

  • कुल लंबाई, 42 किमी
  • बजट, 3500 करोड़
  • वर्तमान स्थिति, सर्वे कार्य पूरा
  • विशेषता, पांवटा साहिब की तरफ से मसूरी जाने वाले वाहनों को शहर में प्रवेश से बचाएगी

लंबिधार किमाड़ी रोड

  • कुल लंबाई, 23 किमी
  • बजट, 14 करोड़
  • वर्तमान स्थिति, टेंडर प्रक्रिया गतिमान
  • विशेषता, मसूरी के लिए वैकल्पिक मार्ग मिलेगा

भानियावाला-ऋषिकेश तक चौड़ीकरण

  • कुल लंबाई, 20 से 23 किमी
  • बजट, करीब एक हजार करोड़ रुपये
  • वर्तमान स्थिति, कार्य आरंभ हो चुका
  • विशेषता, भानियावाला से आगे ऋषिकेश तक वाहनों के दबाव को अतिरिक्त चौड़ाई देगी।

भंडारी बाग आरओबी

  • कुल लंबाई, 575 मीटर
  • बजट, 43 करोड़ रुपये
  • वर्तमान स्थिति, 70 प्रतिशत से अधिक काम पूरा
  • विशेषता, हरिद्वार बाईपास से प्रिंस चौक की तरफ आवागमन के लिए बेहतर विकल्प

रिस्पना से आराघर तक एलिवेटेड रोड

  • कुल लंबाई, करीब 02 किमी
  • बजट, अभी तय नहीं
  • वर्तमान स्थिति, फिजिबिलिटी सर्वे हुआ
  • विशेषता, हरिद्वार राजमार्ग से शहर के भीतर आवागमन का दबाव कम करेगी परियोजना।

ऋषिकेश के जाम को दूर करेगा बाईपास मार्ग

चार धाम के प्रवेश स्थल ऋषिकेश में जाम की समस्या को दूर करने के लिए श्यामपुर फाटक से पास से भद्रकाली के पास तक 12.6 किमी नया फोरलेन बाईपास तैयार किया जा रहा है। हाल में केंद्र सरकार ने इसके लिए 1105 करोड़ रुपये का बजट भी स्वीकृत कर दिया है।

Ad Ad

सम्बंधित खबरें