
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे भगवानपुर औद्योगिक कॉरिडोर के लिए गेमचेंजर साबित होगा। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली से देहरादून का सफर मात्र ढाई घंटे में पूरा करेगा, जिससे लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और एमएसएमई को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।
देहरादून। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे उत्तराखंड के भगवानपुर औद्योगिक कॉरिडोर के लिए गेमचेंजर साबित होगा। यह एक्सप्रेस-वे दिल्ली से देहरादून का सफर मात्र ढ़ाई घंटे में पूरा करेगा, जिससे लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और लघु उद्योगों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, निवेश बढ़ेगा और स्थानीय रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
दिल्ली-देहरादून के बीच सीधा और तेज मार्ग (213 किमी) यह एक्सप्रेसवे एक आर्थिक गलियारे के रूप में विकसित हो रहा है, जो सहारनपुर और भगवानपुर जैसे औद्योगिक केंद्रों के आसपास नए लॉजिस्टिक्स हब और औद्योगिक पार्क को बढ़ावा देगा।
सिडकुल राज्य में पड़ने वाले बुग्गावाला क्षेत्र के साथ लगती छह किलोमीटर जमीन के साथ भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र को जोड़ते हुए करीब 20 किलोमीटर के क्षेत्र को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करेगा ताकि यह औद्योगिक कॉरिडोर बन सके।
निवेश और रोजगार को मिलेगी गति
बेहतर अवसंरचना से भगवानपुर के औद्योगिक क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। यहां बड़े एवं मध्यम उद्योग स्थापित करने में भी कोई दिक्कत नहीं आएगी। कच्चा माल दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के माध्यम से सुगमता तक उद्योगों तक पहुंचेगा।
बेहतर लॉजिस्टिक्स की संभावना
औद्योगिक क्षेत्रों के लिए कच्चे माल और तैयार उत्पादों के परिवहन में आसानी होगी, जिससे व्यापार करने में आसानी (ईज आफ डूईंग बिजनेस) बढ़ेगी। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली-अमृतसर एक्सप्रेसवे सहित अन्य प्रमुख मार्गों से जुड़कर उत्तर भारत के प्रमुख केंद्रों से कनेक्टिविटी को आसान बनाएगा।
वैश्विक सम्मेलन निवेश को मिलेगी जमीन
भगवानपुर औद्योगिक कॉरिडोर विकसित होने से जनपद हरिद्वार औद्योगिक क्षेत्र में रुचि लेने वाले उद्यमियों को लाभ मिलेगा। साथ में आठ दिसंबर, 2023 को देहरादून में हुए वैश्विक निवेशक सम्मेलन में 1779 नये उद्योगों ने 3.56 लाख करोड़ निवेश के लिए जाे हामी भरी थी, इसमें से शेष ग्राउंडिंग का बड़ा हिस्सा भगवानपुर औद्योगिक कॉरिडोर में उपयोग में लाया जा सकेगा।
‘दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे बनने के बाद हरिद्वार जनपद के भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र को औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की सिडकुल ने योजना बनाई है। जल्द ही योजना में भूमि को शामिल कर उसे औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा।’
-वाइएस पुंडीर, महाप्रबंधक (निवेश) सिडकुल
राज्य में एमएसएमई का परिदृश्य
- उद्योग- 93,887
- निवेश- 17,189.37 करोड़
- रोजगार- 4,45,492









