Big Breaking:-देहरादून में कन्हैया मित्तल के भजनों पर झूमे भक्त, भक्तिमय हुआ परेड ग्राउंड

देहरादून के परेड ग्राउंड में प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल ने अपने भजनों से समां बांध दिया। देर रात तक भक्त भक्ति रस में डूबे रहे, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने भजनों पर झूमकर आस्था व्यक्त की।

देहरादून। परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य धार्मिक कार्यक्रम में प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल के भजनों ने ऐसा समां बांधा कि भक्त देर रात तक भक्ति रस में डूबे रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे भक्तों ने भजनों पर झूमते हुए अपनी आस्था का इजहार किया।

शुक्रवार रात को आयोजित कार्यक्रम में कन्हैया मित्तल ने अपने लोकप्रिय भजनों की प्रस्तुति से माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। उन्होंने मां डाटकाली के भजन से शुरुआत की।

इसके बाद ॐ नमः शिवाय बोलो.., हर हर शंभू.., डाट काली नमो नमः.., जो राम को लाए हैं.. बाबा श्याम हमारा.. आदि भजनों पर दर्शक तालियां बजाते और झूमते नजर आए। मंच पर साक्षी अग्रवाल ने भी मधुर भजनों की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।

उन्होंने राधे राधे चलो आएंगे बिहारी.., कोई देखे या न देखे बाबा देख रहा है.., इतना समझ लो हारे हुए को.. जब जब मैं जिऊं तेरे साथ रहे बाबा.., संकट से जो निकाले वही तो श्याम है..दोनों कलाकारों की जुगलबंदी ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध किया। कार्यक्रम के दौरान पूरा परेड ग्राउंड जय श्री राम और राधे-राधे के जयकारों से गूंजता रहा।

वहीं, खाटू श्याम और ज्योत के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ओएसडी भूपेंद्र बसेड़ा उनका बधाई संदेश लेकर पहुंची। उन्होंने भजन भी गाए। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, श्री टपकेश्वर महादेव मंदिर के दिगंबर भरत गिरी आदि मौजूद रहे।

कुछ औरंगजेब की औलाद भारत माता की जय नहीं बोलते

देहरादून: कन्हैया मित्तल ने कहा कि हिंदू, मुस्लिम सभी गाय का दूध पीते हैं लेकिन मां सिर्फ हिंदू बुलाते हैं। कुछ औरंगजेब की औलाद बैठे हैं जो भारत माता की जय तक नहीं बोलते।

इसलिए हास्पिटल है जरूरी

देहरादून: हास्पिटल भी बनना चाहिए लेकिन ऐसा कोई हास्पिटल नहीं जहां मंदिर न हो। क्योंकि जब डॉक्टर की पर्ची फैल ही जाती है तो भगवान की पर्ची पर ही भरोसा है। कहा कि

यहां के सनातनी मजारों से नहीं मंदिरों से पहचाने जाते हैं। कहा कि जब देश का सर्वोपरी नेता भी देहरादून आता है और डाट काली जाता है तो यह स्थान छोटा नहीं बल्कि बहुत भव्य है।

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