
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने देहरादून में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए व्यापक मोबिलिटी प्लान बनाने के निर्देश दिए। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से यातायात बढ़ने की आशंका है।
देहरादून। देहरादून में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने व्यापक मोबिलिटी प्लान तैयार करने के निर्देश दिए।
सचिवालय में आयोजित बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर शुरू होने के बाद शहर में यातायात का दबाव बढ़ेगा, खासकर सप्ताह के अंत और चारधाम यात्रा के दौरान। ऐसे में समय रहते ट्रैफिक प्रबंधन को मजबूत करना जरूरी है।
चार जंक्शनों पर काम शुरू
शहर के प्रमुख जंक्शनों के सुधार कार्य की समीक्षा भी की गई। कारगी चौक के सुधारीकरण को प्राथमिकता देते हुए तुरंत काम शुरू करने को कहा गया। फिलहाल चार जंक्शनों पर काम शुरू हो चुका है, जबकि छह अन्य प्रस्ताव प्रक्रिया में हैं। सचिवालय और परेड ग्राउंड के पास अंडरग्राउंड पार्किंग के लिए डीपीआर और फिजिबिलिटी रिपोर्ट जल्द तैयार करने को कहा गया है।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने के लिए परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि सितंबर 2026 तक देहरादून के विभिन्न रूट्स पर 100 बसें संचालित की जाएं। इसके लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर और संसाधनों पर लगातार फालोअप करने को कहा गया है।
मुख्य सचिव ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि नो-पार्किंग में खड़े वाहनों पर नियमित चालान किया जाए और लेफ्ट टर्न को फ्री रखा जाए। शोभायात्रा, धरना-प्रदर्शन जैसे आयोजनों के दौरान ट्रैफिक प्लान का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही टोइंग वैन की संख्या बढ़ाने और प्रस्ताव शीघ्र भेजने के निर्देश दिए गए।
रात के समय होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ओवरस्पीडिंग पर कड़ी निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। स्पीड ब्रेकर, साइनेज के साथ-साथ कैमरों के जरिए लगातार मानीटरिंग करने को कहा।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि शहर में सभी पार्किंग स्थलों, सरकारी और व्यावसायिक परिसरों की पार्किंग क्षमता का पूरा उपयोग किया जाए। बैठक में सचिव बृजेश कुमार संत, डा. आर राजेश कुमार, जिलाधिकारी सविन बंसल, एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी और एसएसपी परमेन्द्र डोभाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।









