Big Breaking:-देहरादून का सफर होगा महंगा, इकोनॉमिक कॉरिडोर पर अब देना होगा ज्यादा टोल

रुड़की-देहरादून के बीच दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर यात्रा अब महंगी होगी। यात्रियों को भगवानपुर के मौजूदा टोल के अलावा गणेशपुर में भी टोल देना होगा, जो जल्द शुरू होने वाला है।

रुड़की। रुड़की से देहरादून के बीच शुरू हुए इकोनॉमिक कॉरिडोर पर यात्रा करने वालों को अब दो टोल प्लाजा से होकर गुजरना होगा, जिससे सफर की लागत बढ़ने जा रही है। फिलहाल भगवानपुर टोल पर शुल्क लिया जा रहा है, जबकि गणेशपुर टोल शुरू होने की तैयारी है।

रुड़की से देहरादून के बीच इकोनॉमिक कॉरिडोर के संचालन के साथ ही यात्रियों को अब दो टोल प्लाजा का सामना करना पड़ेगा। इस रूट पर पहले से ही संचालित टोल भगवानपुर है, जहां से गुजरने वाले वाहनों से एक तरफ का करीब 55 रुपये शुल्क लिया जा रहा है।

वहीं दूसरा टोल प्लाजा गणेशपुर में बनाया गया है, जो अभी पूरी तरह से शुरू नहीं हुआ है, लेकिन इसके जल्द ही चालू होने की संभावना जताई जा रही है।

पीएम मोदी ने किया था लोकापर्ण

बीते सप्ताह प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकापर्ण किया था। इस एक्सप्रेसवे को तेज, सुरक्षित और सुगम यातायात के उद्देश्य से तैयार किया गया है, लेकिन इसके साथ ही यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ भी पड़ना तय माना जा रहा है।

खासतौर पर रोजाना आने-जाने वाले लोगों के लिए यह खर्च काफी मायने रखेगा। वर्तमान में भगवानपुर टोल से गुजरने वाले वाहन चालकों को नियमित रूप से शुल्क देना पड़ रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर भी चर्चा बनी हुई है। वही दिल्ली देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर गणेशपुर टोल प्लाजा के चालू होने के बाद रुड़की से देहरादून जाने वाले वाहन चालकों को दो स्थानों पर टोल शुल्क देना होगा।

हालांकि अभी तक गणेशपुर टोल की दरें तय नहीं की गई हैं, लेकिन माना जा रहा है कि यह भी सामान्य टोल दरों के अनुरूप ही होगा। ऐसे में कुल मिलाकर इस मार्ग पर यात्रा करना पहले के मुकाबले महंगा हो जाएगा। एनएचएआई की पीआइयू रुड़की के परियोजना निदेशक विशाल गोयल ने बताया कि फिलहाल भगवानपुर टोल प्लाजा पर निर्धारित दरों के अनुसार शुल्क लिया जा रहा है और गणेशपुर टोल को लेकर प्रक्रिया जारी है।

नियमों और दरों को जल्द दिया जाएगा अंतिम रूप

टोल संचालन से जुड़े सभी नियमों और दरों को जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क सुविधा बेहतर होने के साथ-साथ टोल शुल्क का बोझ भी बढ़ रहा है।

कई दैनिक यात्री और कामकाजी लोग इस रूट का उपयोग करते हैं, जिनके लिए हर दिन दो टोल देना आर्थिक रूप से भारी पड़ सकता है। लोगों ने प्रशासन से टोल दरों में संतुलन बनाए रखने और स्थानीय वाहनों के लिए रियायत देने की मांग भी उठाई है।

इकोनॉमिक कॉरिडोर के लोकापर्ण के बाद जहां एक ओर यातायात सुगम और समय की बचत होगी, वहीं दूसरी ओर टोल शुल्क को लेकर लोगों की चिंता भी बनी हुई है। अब सबकी नजर गणेशपुर टोल के शुरू होने और उसकी दरों के निर्धारण पर टिकी है, जिससे इस मार्ग पर यात्रा की वास्तविक लागत का स्पष्ट अंदाजा लग सके।

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