
उत्तराखंड दौरे पर आईं कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से मुलाकात की। हरदा ने गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया और कहा कि उनकी विनती पहले ही हाईकमान के पास है।
देहरादून। अर्जित अवकाश पर चल रहे वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की शनिवार को उत्तराखंड दौरे पर आई कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा से मुलाकात हुई।
इस दौरान प्रकारांतर से निशाने पर वे नेता भी थे, जिनको लेकर हरीश रावत की खींचतान और बयानबाजी चल रही थी। इस बैठक के सूत्रधार नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य रहे, जो दोनों धड़ों में मेलमिलाप के प्रयासों में जुटे हैं।
बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसका विवरण तो नहीं मिल पाया, लेकिन हरदा ने कहा कि उन्होंने प्रदेश प्रभारी का गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया। उन्हें कोई बात नहीं कहनी थी।
उनकी विनती तो पहले ही पार्टी हाईकमान के पास है, जिस पर उसे निर्णय लेना है। हरदा का ये कहना स्वयं में बहुत कुछ कह रहा है। उधर, देर रात प्रदेश प्रभारी सैलजा दिल्ली के लिए रवाना हो गईं।
छह नेताओं को दिल्ली में कांग्रेस में किया गया था शामिल
हाल में ही तीन पूर्व विधायकों समेत छह नेताओं को दिल्ली में कांग्रेस में शामिल किया गया था। इस दौरान रामनगर के नेता संजय नेगी को कांग्रेस में सम्मिलित न किए जाने से नाराज बताए जा रहे हरदा 15 दिन के अर्जित अवकाश पर चले गए।
यद्यपि, इस दौरान वह विभिन्न कार्यक्रमों के साथ ही इंटरनेट मीडिया में खूब सक्रिय रहे। उनके अर्जित अवकाश को लेकर कांग्रेस नेताओं में जुबानी जंग खूब चली और कांग्रेस की धड़ेबाजी सतह पर आ गई थी।
इस बीच प्रदेश प्रभारी सैलजा के उत्तराखंड दौरे से पहले इस विवाद को सुलझाने के क्रम में मान-मनौव्वल का दौर चला। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने हरदा से मुलाकात की थी। तब हरदा ने प्रदेश प्रभारी के देहरादून आगमन पर उनसे मिलने पर हामी भरी थी।
प्रदेश प्रभारी सैलजा ने शनिवार को देहरादून में कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित किया और फिर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के हाथीबड़कला स्थित निवास पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की। इसी दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेश प्रभारी से भेंट की।
इस अवसर नेता प्रतिपक्ष आर्य के अलावा उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, प्रदेश चुनाव प्रचार अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डा हरक सिंह रावत समेत अन्य नेता मौजूद रहे।
हार के कारण जानने प्रदेश का दौरा करेंगे हरदा
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि उनका अर्जित अवकाश एक अति सामान्य व्यक्तिगत निर्णय था। स्वयं के उद्वेलित मन की शांति के लिए ऐसा किया। इस दौरान कुछ टिप्पणियां, चर्चाएं हुई और सवाल भी दागे गए।
बड़ा प्रश्न उभरकर आया कि वर्ष 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को क्यों हार मिली। हरदा ने कहा कि भाजपा के हिंदुत्व आधारित राष्ट्रवाद के मुकाबले के लिए उन्होंने स्थानीय संस्कृति पर आधारित उत्तराखंडियत की बात कही। ऐसे में हार के क्या कारण रहे, इसका उत्तर जनता के बीच से ही आ सकता है। इसके लिए वह राज्य का व्यापक भ्रमण करेेंगे।
15 अप्रैल को वह उत्तरकाशी के गंगोत्री राजमार्ग व धराली का दौरा करेंगे। 20 अप्रैल को थराली व कनलगढ़ जाएंगे। वह अपने गांव मोहनारी जाकर ग्वेल देवता व ईष्ट देवता की शरण में भी जाएंगे। फिर अपने कर्मक्षेत्र हरिद्वार का भी भ्रमण करेंगे।









