Big Breaking:-देहरादून की एटीएस कालोनी के पीछे ‘हरी लूट’, जांच को पहुंचा वन विभाग

देहरादून की एटीएस कॉलोनी के पीछे आम के बगीचे में पेड़ कटान की जांच वन विभाग ने तेज कर दी है। दो पेड़ों की अनुमति के बावजूद बड़े पैमाने पर लकड़ी निकासी की आशंका के बाद वन मंत्री के निर्देश पर यह कार्रवाई हो रही है।

देहरादून। डांडा लखौंड स्थित एटीएस कालोनी के पीछे आम के बगीचे में पेड़ कटान का मामला अब वन विभाग की जांच के घेरे में आ गया है। शिकायत के बाद शुक्रवार को वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कटान की अनुमति सिर्फ दो पेड़ों की ली गई थी, लेकिन मौके से बड़े स्तर पर लकड़ी निकासी किए जाने की आशंका ने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया है।

शिकायत दर्ज 

मामले ने तूल तब पकड़ा जब क्षेत्र के एक व्यक्ति ने पेड़ों की कटाई और लकड़ी निकासी को लेकर शिकायत दर्ज कराई।शिकायत सीधे वन मंत्री सुबोध उनियाल तक पहुंची, जिसके बाद प्रमुख मुख्य वन संरक्षक रंजन मिश्रा ने तत्काल जांच के निर्देश दिए।

इसके बाद मसूरी वन प्रभाग के डीएफओ खुद मौके पर पहुंचे व एटीएस कॉलोनी के पीछे स्थित बगीचे का निरीक्षण किया। रायपुर रेंज की टीम ने पूरे क्षेत्र का मुआयना कर रिपोर्ट तैयार की है।

सूत्रों के अनुसार, मौके पर कटान की अनुमति से जुड़े दस्तावेज तो मिले हैं, लेकिन जिस तरह से लकड़ी हटाए जाने के संकेत मिले हैं, उसने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। अब जांच की जा रही है कि कहीं अनुमति की आड़ में अधिक पेड़ तो नहीं काटे गए या लकड़ी की निकासी नियमों के विपरीत तो नहीं हुई।

वन विभाग ने साफ किया है कि यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हुई तो संबंधित लोगों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। रेंजर हरीश गैरोला ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में फलदार पेड़ों के कटान की अनुमति वन विभाग से ली जाती है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह अधिकार उद्यान विभाग के पास होता है।

हालांकि, विभागीय सूत्र यह भी मान रहे हैं कि मामला सिर्फ पेड़ कटान तक सीमित नहीं है और इसके पीछे स्थानीय विवाद की परतें भी हो सकती हैं। बावजूद इसके, वन विभाग अब पूरे प्रकरण को लेकर सतर्क नजर आ रहा है।

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