
ईवीसीएल कंपनी के मालिक विकास ढाका को हल्द्वानी में टी-20 क्रिकेट लीग के नाम पर 32 लाख रुपये की ठगी के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
उसने हरियाणा और हल्द्वानी के दो टीम मालिकों को धोखा दिया। पुलिस ने धोखाधड़ी के दो मामले दर्ज कर आरोपी के दो बैंक खाते भी फ्रीज कर दिए हैं। ढाका ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों के नाम का भी दुरुपयोग किया था।
हल्द्वानी। टी-20 क्रिकेट लीग में टीम फ्रेंचाइजी के नाम पर 32 लाख रुपये ठगी के मामले में ईवीसीएल (एपिक विक्ट्री क्रिकेट लीग) के मालिक व आयोजक विकास ढाका को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
ईवीसीएल के मालिक ने हल्द्वानी निवासी पूर्व विधायक नारायण पाल व हरियाणा के हेमंत शर्मा के साथ ठगी की थी। पुलिस ने धोखाधड़ी की दो प्राथमिकी दर्ज कर आरोपित के दो बैंक खाते भी फ्रीज कर दिए हैं।
ईवीसीएल के मालिक सेक्टर ए-162, नोएडा (उप्र) निवासी 35 वर्षीय विकास ढाका ने हल्द्वानी के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में टी-20 क्रिकेट लीग कराने के लिए छह टीमें तय की थी।
एक टीम की फ्रेंचाइजी फीस उसने 50 लाख रुपये रखी थी लेकिन अधिक राशि में टीम खरीदने से इन्कार करने के बाद उसने कारोबारियों व नेताओं को डिस्काउंट का आफर दिया। जिससे जितने में सौदा हुआ वह रकम लेता रहा। किसी से 10 तो किसी से 30 लाख रुपये में सौदा हुआ।
पूर्व विधायक नारायण पाल को उत्तराखंड शोल्जर्स नाम से टीम क्रय करने पर 50 लाख की फ्रेंचाइजी फीस बताई। उनसे 10 लाख रुपये डिस्काउंट के साथ सौदा तय हुआ। नारायण पाल ने तीन लाख रुपये नगद व छह लाख रुपये हल्द्वानी नगर में प्रचार-प्रसार के लिए होर्डिंग्स सहित कुल नौ लाख रुपये का भुगतान किया।
वहीं यूपी वारियर्स नाम की टीम क्रय करने पर झज्जर हरियाणा निवासी कारोबारी हेमंत शर्मा से भी 30 लाख रुपये में फ्रेंचाइजी तय हुई। हेमंत ने विकास ढाका को नगद 23 लाख रुपये देकर टीम खरीदी।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट हरभजन, इरफान, मनप्रीत व प्रवीण के नाम पर ठगी के आरोप
शुक्रवार को पुलिस बहुउद्देशीय भवन में एसएसपी मंजुनाथ टीसी ने प्रेस वार्ता की। बताया कि गौलापार क्रिकेट स्टेडिएम में टी-20 लीग एक फरवरी से होने वाली थी। इसमें आयोजक विकास ढाका की ओर से पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर हरभजन सिंह, इरफान पठान,
मनप्रीत गोनी व प्रवीण कुमार के भी लीग में खेलने का दावा किया गया। आयोजक निर्धारित तिथि बीत जाने के बाद बार-बार स्पर्धा स्थगित कर रहा था। आयोजक के विरुद्ध धोखाधड़ी की तहरीर देते हुए शिकायकर्ताओं ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों को आयोजन के संबंध में कुछ पता ही नहीं है।
ईवीसीएल कंपनी से जुड़े अन्य सदस्यों से भी होगी पूछताछ
काठगोदान थाना में आयोजक विकास से पुलिस ने पूछताछ की। आयोजक बार-बार दावा करता रहा कि वह हल्द्वानी में कुछ दिनों बाद लीग कराएगा। यही नहीं उसने दोनों टीम मालिकों के जल्द रुपये वापस करने को भी कहा लेकिन उसके पास रुपये ही नहीं थे। पुलिस ईवीसीएल कंपनी के अन्य सदस्यों से भी पूछताछ की जाएगी।
धरी रह गई क्रिकेट लीग
10 साल बाद गौलापार के क्रिकेट स्टेडियम में होने वाली क्रिकेट की बड़ी स्पर्धा धरी रह गई। नोएडा से आकर निजी कंपनी ने क्रिकेट लीग के बहाने से यहां के बड़े कारोबारी, नेताओं को ठग लिया। आयोजक ने इस लीग को कराने में कई और नेताओं से भी रुपये लिए है लेकिन अब अन्य खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं। जबकि क्रिकेट लीग नहीं होने पर कुमाऊं का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम फिर खाली रह गया।









