उत्तराखण्ड

Big Breaking:-केदारताल एवलांच हादसे को लेकर उठे कई सवाल, अनुभवी गाइड ने कुक और पोर्टरों को क्यों भेजा आगे?

केदारताल हिमस्खलन हादसे में लापता 8 सदस्यों में से 4 के शव बरामद हुए हैं, लेकिन घटना से जुड़े कई अनसुलझे सवाल खड़े हो गए हैं।

उत्तरकाशी। केदारताल हिमस्खलन हादसे में लापता हुए 8 सदस्यों में से चार के शव बरामद हो चुके हैं, जबकि अन्य की तलाश जारी है। लेकिन इस हादसे ने कई ऐसे सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनके जवाब अभी सामने नहीं आए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अनुभवी गाइड के साथ गया दल आखिर किन परिस्थितियों में लापता हुआ? दल के साथ गए कुक और पोर्टर उससे कैसे बिछुड़ गए? हादसे से पहले दल के सदस्यों के बीच क्या परिस्थितियां बनीं, इसे लेकर भी कई तरह की चर्चाएं हैं।

गढ़वाल हिमालय माउंटेनियरिंग एंड ट्रेकिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष जयेन्द्र सिंह राणा के अनुसार, दल के साथ गया स्थानीय गाइड सिद्धार्थ राणा अनुभवी था। उसने बेसिक माउंटेनियरिंग के साथ एडवांस माउंटेनियरिंग और सर्च एंड रेस्क्यू का प्रशिक्षण लिया था। ऐसे में कुक और पोर्टरों को आगे भेजकर खुद ट्रेकरों के साथ रहने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, दल के सदस्य किन परिस्थितियों में अलग हुए, यह स्पष्ट नहीं है।

बताया गया कि जिस स्थान पर दल का टेंट बर्फ में दबा मिला, उससे करीब 200 मीटर नीचे कुछ सदस्यों के शव बरामद हुए। आशंका है कि हिमस्खलन के बाद कुछ सदस्य आगे बढ़े हों और भारी बर्फबारी में रास्ता या दिशा स्पष्ट न होने से हादसे का शिकार हुए हों। यह केवल संभावना है; जांच और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों से ही इसकी पुष्टि हो सकेगी।

हादसे के बाद एक सदस्य के सिर पर चोट लगने और गाइड के उसे बचाने की सूचना सामने आई थी। गाइड के भीगने की बात भी कही गई है। राणा के मुताबिक, बरामद शवों के कपड़ों और बैग की जांच से दल के पास मौजूद उपकरणों और सुरक्षा संसाधनों की जानकारी मिल सकती है। हादसे की परिस्थितियां समझने के लिए इन सभी पहलुओं की पड़ताल जरूरी है।

Ad Ad
"उत्तराखण्ड आई" उत्तराखण्ड तथा देश-विदेश की ताज़ा ख़बरों व समाचारों का एक डिजिटल माध्यम है। अपने विचार अथवा अपने क्षेत्र की ख़बरों को हम तक पहुंचानें हेतु संपर्क करें। धन्यवाद! Email: [email protected]

GET IN TOUCH

संपादक: शाहबाज हुसैन
पता: किशनपुर, देहरादून, उत्तराखण्ड
दूरभाष: +91 70171 42309
ई-मेल: [email protected]

To Top