हरिद्वार में अर्द्धकुंभ की तैयारियों के लिए आईआईटी रुड़की से मंगाया गया 40 लाख का ड्रोन उड़ान भरते ही लापता हो गया।
हरिद्वार। अर्द्धकुंभ की तैयारियों के लिए मंगाया गया ड्रोन उड़ान भरते ही लापता हो गया। ड्रोन की कीमत 40 लाख रुपए बताई जा रही है। शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है।आईआईटी रुड़की के कर्मचारी शिवम नौटियाल की ओर से मिसिंग दर्ज कराई गई है।
अर्द्धकुंभ के लिए मैपिंग जैसे कार्यों के लिए आईआईटी रुड़की से एक ड्रोन हरिद्वार मंगाया गया था। उड़ान भरने के बाद ड्रोन लापता हो गया। ड्रोन की आखिरी लोकेशन उत्तर हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र में आई। काफी तलाश के बाद भी उसका कुछ पता नहीं चल पाया।
अब शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। ऐसा माना जा रहा है कि ड्रोन या तो जंगल में कहीं गिर गया है या फिर जंगल से सटे रिहायशी इलाके में गिरने के बाद किसी ने चोरी कर लिया है। पुलिस ने ड्रोन की तलाश शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से मैपिंग और अन्य कार्यों के लिए करीब 40 लाख रुपए ड्रोन इस्तेमाल में लाया जा रहा था। बताया जा रहा है कि गुरुवार को भूपतवाला क्षेत्र में करीब 100 मीटर की ऊंचाई पर ड्रोन उड़ान भर रहा था। इस दौरान उसका कंट्रोल से संपर्क टूट गया। इससे हड़कंप मच गया।
ड्रोन से संपर्क नहीं
पुलिस की शुरुआती छानबीन में सामने आया है कि आईआईटी रुड़की के दो कर्मचारी ड्रोन उड़ा कर खाना खाने चले गए थे। करीब एक घंटे बाद खाना खाकर वापस लौटे तो ड्रोन गायब था। काफी प्रयास के बावजूद ड्रोन से संपर्क नहीं हो पाया। ड्रोन का बैटरी बैकअप चार से छह घंटे बताया गया है। इसी भरोसे कर्मचारी ड्रोन को उड़ाकर खाना खाने गए थे। माना जा रहा है कि बैटरी डिस्चार्ज होने या फिर अन्य तकनीकी कारणों से ड्रोन गिर कर लापता हुआ है।
बताया जा रहा है कि यह ड्रोन पेलोड और अत्याधुनिक कैमरों से लैस था। चर्चा इस बात की भी है कि इसका इस्तेमाल अर्धकुंभ से जुड़े कार्यों के लिए भी किया जा रहा था। हालांकि मेला प्रशासन ने इसका खंडन किया है।
अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने बताया कि अर्धकुंभ से जुड़े कार्यों के लिए किसी भी प्रकार के ड्रोन का इस्तेमाल नहीं हो रहा है। ड्रोन किसका था इस बारे में भी उन्हें जानकारी नहीं है।
आईआईटी रुड़की की ओर से मिसिंग दर्ज कराई गई है। ड्रोन की तलाश की जा रही है। – कुंदन सिंह राणा, शहर कोतवाल



