पिथौरागढ़ में भारी बारिश के कारण कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग और थल-मुनस्यारी मार्ग फिर से बंद हो गए हैं, जिससे चीन सीमा सहित कई गांवों का संपर्क टूट गया है।
पिथौरागढ़। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में मानसून की बारिश आफत बनकर बरस रही है। जिलेभर में रात को हो रही मूसलधार बारिश का कहर सबसे अधिक सडकों पर बरप रहा है। टनकपुर-तवाघाट हाईवे और कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर कूलागाड़, एलागाड़, मलघाट के पास मलबा और बोल्डर गिरने से मार्ग सुबह लगभग छह घंटे बंद रहा।
आठ घंटे बाद सायं छह बजे के आसपाए एलागाड़ में मलबा, बोल्डर आने से फिर बंद हो गया है। पांच दर्जन के आसपास गांवाें सहित चीन सीमा का सम्पर्क कट चुका है। दूसरी तरफ सुबह लगभग दो घंटे बंद रहने के बाद खुला थल-मुनस्यारी मार्ग ला झेकला के पास सायं को मलबा आने से बंद हो चुका है।
धारचूला से मिली जानकारी के अनुसार सायं छह बजे के बाद क्षेत्र में हो रही वर्षा से कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग में धारचूला से तवाघाट के मध्य एलागाड़ में भारी मलबा और पत्थर आने से मार्ग बंद हो गया है, जिसके चलते वाहन फंसे हैं।
एलागाड़ से आगे तवाघाट, तल्ला, मल्ला दारमा, चौदास, पांगला, गस्कू, गर्बाधार सहित पूरी व्यास घाटी का सम्पर्क कट चुका हे। बीआरओ द्वारा मलबा हटाया जा रहा है परंतु मौेके पर प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अभी जल्दी मार्ग खुलने के आसार नही है।
मुनस्यारी से मिली जानकारी के अनुसार -हरकोट मार्ग सड़क पर नाले बहने और मलबा आने से बंद रहा।ग्रामीण तहसील मुख्यालय मुनस्यारी नहीं पहुंच सके। हरकोट गांव का बाजार मुनस्यारी पड़ता है।
हरकोट से प्रतिदिन मुनस्यारी में होने वाली दूध और जैविक सब्जियों की आपूर्ति नहीं हो सकी। मार्ग बंद होने से लोगों को वापस लौटना पड़ा- तहसील मुख्यालय से महज चार से सात किमी दूर स्थित हरकोट, चौना, मटेना और मालुपाती गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया है।
योगेश सिंह सेमिया ने बताया कि सड़क बंद होने से ग्रामीणों व किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है और लोग जान जोखिम में डालकर पैदल चलने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मार्ग तत्काल खोलने की मांग की है। नाचनी से मिली जानकारी के अनुसार थल-मुनस्यारी मार्ग के दिन में दूसरी बार बंद होने से वाहन फंसे हँ। बीआरओ की मशीन पहुंच चुकी है और मार्ग खोलने का कार्य चल रहा है।
तहसीलवार वर्षा का विवरण
तेजम 120.0 मिमी, बंगापानी 105.0 मिमी, डीडीहाट 90.0 मिमी, देवलथल 70.0 मिमी, मुनस्यारी 56.2 मिमी, थल 50.0 मिमी, कनालीछीना 46.0 मिमी, बेरीनाग 32.2 मिमी, धारचूला 25.8 मिमी, गणाई गंगोली 25.0 मिमी, पिथौरागढ़ 14.5 मिमी, गंगोलीहाट 5.5 मिमी।