
गैरसैंण में सजा ‘सत्ता’ का दरबार, बढ़ने लगी पॉलिटिकल हलचल, कल से शुरू होगा बजट सत्र
गैरसैंण में बजट सत्र को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी है. कल से बजट सत्र शुरू होने जा रहा है.
गैरसैंण: उत्तराखंड का बजट सत्र 9 मार्च से ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में शुरू होगा. सत्र से पहले सरकार, विपक्ष और विधानसभा से जुड़े सभी जनप्रतिनिधि गैरसैंण पहुंच चुके हैं. पॉलिटिकल दिग्गजों के गैरसैंण पहुंचने से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है.



उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र सोमवार 9 मार्च से ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में शुरू होने जा रहा है. सत्र शुरू होने से पहले ही गैरसैंण में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार के मंत्री,
सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायक यहां पहुंच चुके हैं. विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण और राज्यपाल गुरमीत सिंह भी बजट सत्र में शामिल होने के लिए गैरसैंण पहुंच गए हैं.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भराड़ीसैंण में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य से शिष्टाचार भेंट की. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने भाजपा विधानमंडल दल की बैठक में भी हिस्सा लिया. वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में सरकार के सभी मंत्री, सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायक भी पहुंच चुके हैं. फिलहाल विधानसभा परिसर में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक चल रही है, जिसमें सत्र के एजेंडे और कार्यसूची पर चर्चा की जा रही है.


विपक्ष की ओर से भी सत्र को लेकर तैयारी पूरी कर ली गई है. नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और कांग्रेस विधायक भुवन कापड़ी सहित अन्य कांग्रेसी विधायक गैरसैंण पहुंच चुके हैं. कांग्रेस ने साफ किया है कि इस बार बजट सत्र के दौरान सरकार को कई जनहित के मुद्दों पर घेरा जाएगा. नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य का कहना है कि सरकार हर बार की तरह इस बार भी जनता के सवालों से बचने की कोशिश करेगी, लेकिन विपक्ष सदन के भीतर मजबूती से मुद्दे उठाएगा.

विपक्ष ने जिन प्रमुख मुद्दों को उठाने की बात कही है, उनमें विद्यालय विहीन शिक्षकों की समस्या, सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव, आपदा प्रभावितों को राहत, राज्य में रुका हुआ विकास, किसानों की आत्महत्या के मामले, फसल का उचित मूल्य न मिलना, महिलाओं के खिलाफ बढ़ती घटनाएं, कमजोर वर्गों, अल्पसंख्यकों और दलितों पर अत्याचार तथा प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था जैसे विषय शामिल हैं.
इस बार बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल गुरमीत सिंह के अभिभाषण से होगी। खास बात यह है कि आम बजट भी पहले ही दिन सदन में पेश किया जाएगा. जानकारी के मुताबिक धामी सरकार इस बार करीब 1.11 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश करेगी. चुनावी साल को देखते हुए इसे “समर्पित बजट” बताया जा रहा है, जिसमें गरीब, युवा, महिलाएं और किसानों को केंद्र में रखा गया है। इस बजट को कैबिनेट की मंजूरी भी मिल चुकी है.
वहीं बजट सत्र को लेकर भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर को खास तौर पर सजाया गया है. विधानसभा भवन के मुख्य द्वार पर आकर्षक डिजाइन वाला गेट बनाया गया है. परिसर की खूबसूरती बढ़ाने के लिए लेजर लाइटों का इस्तेमाल किया गया है. उद्यान विभाग की ओर से सजावटी पौधे भी लगाए गए हैं. साथ ही क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवारों का पुनर्निर्माण किया गया है. आसपास की सड़कों व दीवारों पर रंग-रोगन भी किया गया है.
सत्र के दौरान सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं. क्षेत्र में आधा दर्जन बैरियर लगाए गए हैं. उनके आसपास 100 मीटर के दायरे में कंटीले तारों की बाड़ लगाकर दोहरी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. दिवालीखाल, भराड़ीसैंण, विधानसभा परिसर, कालीमाटी, दुगमुतासैंण और जंगलचट्टी में बैरियर बनाकर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है.9 मार्च से 13 मार्च तक चलने वाले इस बजट सत्र पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं. इस बजट से सरकार की प्राथमिकताएं और आगामी योजनाओं की दिशा तय होगी.









