केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि जातिगत जनगणना से अनुसूचित जाति, जनजाति और ओबीसी की वास्तविक सामाजिक-आर्थिक स्थिति सामने आएगी।
देहरादून। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास अठावले ने कहा कि देश में जातिगत जनगणना होने के बाद अनुसूचित जाति, जनजाति ओबीसी एवं अन्य विभिन्न वर्गों की वास्तविक संख्या व सामाजिक और आर्थिक स्थिति की सही तस्वीर सामने आएगी। कहा कि उनकी हार्दिक इच्छा है कि नरेन्द्र मोदी 25 वर्षों तक भारत के प्रधानमंत्री रहें।
उन्होंने दावा किया कि जातिगत जनगणना की मांग सबसे पहले उन्होंने मोदी सरकार के समक्ष लोकसभा में रखी थी, जिसके बाद विपक्ष ने भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।
गुरुवार को बीजापुर गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अठावले ने कहा कि केंद्र सरकार सामाजिक न्याय को मजबूत करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) को 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ पहले से दिया जा रहा है और अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदायों के हितों की रक्षा के लिए भी सरकार प्रतिबद्ध है।
अठावले ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने पिछले 12 वर्षों में विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं।
आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से करोड़ों लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिला है तथा बड़ी संख्या में लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाने का कार्य किया गया है। उन्होंने दावा किया कि भारत का निर्यात लगातार बढ़ा है और देश वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
उत्तराखंड के विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में सड़क, रेल और हवाई संपर्क के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। फोरलेन मार्गों, आलवेदर रोड और अन्य आधारभूत परियोजनाओं से लोग को सीधा लाभ मिल रहा है।
उन्होंने देहरादून और मसूरी की प्राकृतिक सुंदरता एवं अनुकूल जलवायु की भी सराहना की। उन्होंने तंज कसा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी अपनी भूमिका ठीक निभा रहे हैं, इसलिए वह वर्ष 2029 के बाद भी केंद्र में विपक्ष की भूमिका में रहेंगे।