
ब्रिगेडियर (सेनि) पीएस गुरुंग का 81 वर्ष की आयु में देहरादून में निधन हो गया। गोर्खाली सुधार सभा के पूर्व अध्यक्ष रहे गुरुंग को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
देहरादून। गोर्खाली सुधार सभा के अध्यक्ष रहे वरिष्ठ समाजसेवी और सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी ब्रिगेडियर पीएस गुरुंग (वाइएसएम) का बीते शनिवार को निधन हो गया। 81 वर्ष की आयु में मैक्स अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली।
सोमवार को टपकेश्वर मोक्षधाम में उनका अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया, जहां 3/4 गोरखा रेजिमेंट के अधिकारियों और जवानों ने अंतिम सलामी दी।
गोर्खाली सुधार सभा समेत विभिन्न सामाजिक संगठनों व पूर्व सैनिकों ने उनके निधन पर शोक जताया है।
ब्रिगेडियर (सेनि) पीएस गुरुंग बलिदानी लेफ्टिनेंट गौतम गुरुंग (एसएम) के पिता थे। अपने इकलौते 25 वर्षीय पुत्र की शहादत के बाद उन्होंने बेटे की पूरी पेंशन और अपनी 50 प्रतिशत पेंशन के जरिये ‘गौतम ट्रस्ट’ की स्थापना कर समाज सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
इस ट्रस्ट के माध्यम से उन्होंने गरीब और जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा के साथ युवाओं को बाक्सिंग व सेना में भर्ती के लिए प्रेरित किया।
आज इस पहल से जुड़े सैकड़ों युवा सेना, पैरामिलिट्री और अन्य सरकारी सेवाओं में कार्यरत हैं।
ब्रिगेडियर गुरुंग पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष भी रहे। उन्होंने गोर्खाली सुधार सभा के अध्यक्ष के रूप में समाज को संगठित किया और गुरांस सांस्कृतिक कला केंद्र की स्थापना कर गोर्खाली संस्कृति के संरक्षण में अहम भूमिका निभाई।
उनकी पत्नी पुष्पलता गुरुंग, पुत्री मीनाक्षी गुरुंग हैं। उनके निधन के बाद गौतम ट्रस्ट को उनकी पुत्री मीनाक्षी गुरुंग त्यागी आगे बढ़ाएंगी।
उनके निधन पर शोक जताने वालों में गोर्खाली सुधार सभा के अध्यक्ष पदम सिंह थापा, गोर्खाली महिला हरितालिका तीज समिति की अध्यक्ष प्रभा शाह, भारतीय गोरखा परिसंघ के अध्यक्ष पीएन राई, बलभद्र खलंगा विकास समिति के अध्यक्ष कर्नल (सेनि) विक्रम सिंह थापा आदि मौजूद रहे।









