
किसानों को 80 प्रतिशत सब्सिडी पर एक लाख 27 हजार मौन बॉक्स दिए जाएंगे। छह साल के लिए 111 करोड़ की यह योजना तीन-तीन साल के लिए दो चरणों में चलेगी।
प्रदेश में मौन पालन नीति 2026 को मंजूरी मिल गई। कैबिनेट में इसके लिए आए प्रस्ताव में कहा गया कि मौन पालन राज्य में किसानों के लिए अतिरिक्त आय का जरिया बन सकता है। विभागीय सचिव एनएन पाण्डेय के मुताबिक छह साल में 25 हजार किसान मौन पालन योजना से लाभान्वित होंगे।
किसानों को 80 प्रतिशत सब्सिडी पर एक लाख 27 हजार मौन बॉक्स दिए जाएंगे। छह साल के लिए 111 करोड़ की यह योजना तीन-तीन साल के लिए दो चरणों में चलेगी। योजना के तहत किसानों को प्रशिक्षण देने से लेकर बाजार तक उपलब्ध कराया जाएगा।
कैबिनेट में इस संबंध में आए प्रस्ताव में कहा गया कि वर्तमान में राज्य सरकार का लक्ष्य शहद उत्पादन के साथ ही फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देना है। उत्तराखंड के मैदानी जिलों में एपिस मेलिफेरा और पर्वतीय जिलों में एपिस सेराना मौन के माध्यम से मौन पालन किया जा रहा है।








