सिटिंग-गेटिंग’ फॉर्मूले से मौजूदा विधायकों को मिला मौका, उत्तराखंड में भाजपा समन्वय से साधेगी हैट्रिक के समीकरण
भाजपा उत्तराखंड में अगले विधानसभा चुनाव में हैट्रिक लगाने के लिए सरकार, संगठन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय पर जोर दे रही है। पार्टी ने ‘सिटिंग-गेटिंग’ फॉर्मूले से मौजूदा विधायकों को मौका दिया है और सभी आठ सांसदों को सीटें बढ़ाने का लक्ष्य दिया है।
उत्तराखंड में सरकार और संगठन के साथ निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय के रथ पर सवार होकर भाजपा अगले विधानसभा चुनाव में दमदार तरीके से खम ठोकने जा रही है। तालमेल के साथ होने वाले इस शक्ति प्रदर्शन में लोकसभा के पांच और राज्यसभा के तीन सदस्यों यानी सभी आठ सांसदों की भूमिका योगक्षेम की रहने वाली है।
यानी, विधानसभा सीटों की मौजूदा संख्या को सुरक्षित रखने के साथ उसमें वृद्धि करने में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहेगा। वहीं, सिटिंग-गेटिंग के फार्मूले पर ही आगे बढ़ने के संकेत देकर पार्टी ने वर्तमान 47 विधायकों को राहत दे दी है। इससे उन विधायकों को भी संभलने का मौका मिला है, पार्टी के सर्वे में जिनकी स्थिति नाजुक आंकी गई है।