दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के गणेशपुर-डाटकाली एलिवेटेड रोड पर भूस्खलन रोकने के लिए ढलान स्थिरीकरण कार्य हेतु ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है।
देहरादून। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के अंतर्गत गणेशपुर-डाटकाली एलिवेटेड रोड पर ट्रैफिक डायवर्जन प्लान शनिवार शाम से लागू कर दिया गया है। इससे पहले प्लान को शुक्रवार सुबह से धरातल पर उतारने की योजना थी, लेकिन ढलान की कटिंग के कार्यों की औपचारिकता में विलंब के चलते इसमें थोड़ा समय लग गया।
अब देहरादून से दिल्ली की तरफ यात्रा करने वाले वाहनों को मोहंड के पुराने मार्ग से गुजारा जाएगा। जो वाहन देहरादून की तरफ आ रहे हैं, उन्हें विशिष्ट भाग से अपनी बायीं लेन को छोड़कर दायीं लेन पर सफर करना होगा।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) एलिवेटेड रोड से सटे पहाड़ी वाले भाग से भूस्खलन की आशंका को देखते हुए वहां ढलान स्थिरीकरण का कार्य करेगा। यह ट्रैफिक डायवर्जन आठ जून तक प्रभावी रहेगा।
एनएचएआइ देहरादून के परियोजना निदेशक सौरभ सिंह के अनुसार वर्षाकाल में पहाड़ियों से पत्थर और मलबा गिरने की आशंका को देखते हुए पहले ही संवेदनशील क्षेत्रों में स्टोन कैचर लगाए गए हैं। हालांकि, अब सड़क सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के लिए ढलानों को स्थिर करने का कार्य किया जाएगा।
इसके तहत पहाड़ी सतहों की स्केलिंग, ढीले पत्थरों और अतिरिक्त मलबे को हटाने का काम किया जाएगा, ताकि भविष्य में भूस्खलन या पत्थर गिरने जैसी घटनाओं से बचा जा सके। एनएचएआइ को इसके लिए आवश्यक स्वीकृतियां मिल चुकी हैं और विभाग का लक्ष्य है कि मानसून शुरू होने से पहले यह काम पूरा कर लिया जाए।
1.25 किलोमीटर हिस्से पर रहेगा डायवर्जन लागू
कार्य के दौरान एलिवेटेड रोड के लगभग 1.250 किलोमीटर हिस्से पर दिल्ली की तरफ से आने वाले यातायात को डायवर्ट किया जाएगा। हालांकि, बाकी मार्ग सामान्य रूप से खुला रहेगा। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए मौके पर 24 घंटे फ्लैगमैन तैनात किए जाएंगे, जो वाहनों को सुरक्षित दिशा प्रदान करेंगे।
वहीं, सहारनपुर और दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों के लिए बड़ा बदलाव किया गया है। ऐसे वाहनों को डाटकाली टनल पार करने के बाद पुराने हाईवे सेक्शन पर डायवर्ट किया जाएगा।
पुराने मार्ग पर करीब डेढ़ किमी सफर तय करने के बाद ट्रैफिक को दोबारा दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कारिडोर के राइट हैंड साइड कैरिजवे पर लाया जाएगा।
एनएचएआइ ने यात्रियों से अपील की है कि वे डायवर्जन अवधि के दौरान सावधानी बरतें, निर्धारित गति सीमा का पालन करें और मार्ग पर तैनात कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करें, ताकि निर्माण कार्य के दौरान यातायात सुचारु और सुरक्षित बना रहे।
इस तकनीक से होगा पहाड़ी का उपचार
एनएचएआइ के अधिकारियों के अनुसार एलिवेटेड रोड के करीब 600 मीटर भाग पर पहाड़ी का उपचार किया जाएगा। विशेषकर जियो जूट तकनीक, साइल नेलिंग आदि के माध्यम से ढलान को सुदृढ़ किया जाएगा।
वन विभाग ने शुरू किया 60 पेड़ों का कटान
एलिवेटेड रोड से सटी पहाड़ी के कई ढलान खतरनाक होने के कारण उनमें खड़े पेड़ भी नीचे खिसक सकते हैं। ऐसे 60 पेड़ चिह्नित किए गए हैं। जिनका कटान वन विभाग ने शुरू कर दिया है।