
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं को पंजीकरण दस्तावेजों के सत्यापन के बाद तत्काल टोकन मिलेगा। पर्यटन विभाग ने यात्रा को सुगम बनाने के लिए एडवाइजरी जारी की है, जिसमें पंजीकरण की प्रक्रिया और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है।
देहरादून। चारधाम बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को पंजीकरण दस्तावेजों के सत्यापन के बाद तत्काल टोकन मिल जाएगा।
जानकीचट्टी, यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, बदरीनाथ, माणा के साथ ही धामों में टोकन प्राप्त किए जा सकते हैं। भौतिक सत्यापन बड़कोट, हिना, सोनप्रयाग, पांडुकेश्वर व गोविंदघाट में किया जा रहा है।
चारधाम यात्रा को सहज, सुगम, सुखद व सुरक्षित बनाने के दृष्टिगत सोमवार को एडवाइजरी जारी की, जिसमें यह जानकारी दी गई है।
पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल की ओर से जारी यह एडवाइजारी सभी प्रमुख सचिव व सचिव, दोनों मंडलों के आयुक्त, सभी विभागाध्यक्ष व जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व पुलिस अधीक्षक और उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को भेजी गई है।

पंजीकरण अनिवार्य
चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य है और इसकी प्रक्रिया को पर्यटक सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से व्यवस्थित किया गया है।
यह आधार प्रमाणीकरण से जुड़ी है। आनलाइन पोर्टल, मोबाइल एप्लीकेशन या भौतिक काउंटरों से आधार आधारित पंजीकरण कराया जा सकता है।
पंजीकरण के बाद यात्री को पुष्टिकरण अभिलेख व एसएमएस प्राप्त होगा, जिसे भौतिक या डिजिटल रूप में अधिकारियों को दिखाया जा सकता है।
पंजीकरण अभिलेखों में क्यूआर कोड और एक विशिष्ट आइडी होती है। फर्जीबाड़े से बचाव को अधिकृत यात्री मित्र उसे स्कैन करते हैं। जिस तिथि का पंजीकरण होगा, उसी दिन यात्रियों को धाम में जाने की अनुमति होगी।
यहां कराएं पंजीकरण
- आनलाइन पंजीकरण को registrationandtouristcare.uk.gov.in पर लाग आन करें या Tourist Care Uttarakhand एप डाउनलोड करें।
- हेलीकाप्टर की बुकिंग को आधिकारिक वेबसाइट https://www.heliyatra.irctc.co.in का प्रयोग करें।
- आफलाइन पंजीकरण को देहरादून (हरबर्टपुर, नयागांव), हरिद्वार (राही होटल) और ऋषिकेश (आइएसबीटी ट्रांजिट कैंप, आरटीओ व गुरुद्वारा) में खुले हैं काउंटर।
यात्रा कंट्रोल रूम एवं काल सेंटर
- किसी भी जानकारी के लिए यात्री, टेलीफोन नंबर 0135-2559898 व 2552627 व टोल फ्री नंबर 1364 (0135-1364 राज्य के बाहर से श्रद्धालुओं के लिए) और ईमेल [email protected] व [email protected] पर संपर्क कर सकते हैं।
स्वास्थ्य मार्गदर्शिका
- चारधाम की यात्रा से पहले स्वास्थ्य जांच अवश्य कराएं। कम से कम सात दिन की यात्रा योजना बनाएं, ताकि शरीर वातावरण के अनुकूल हो सके।
- यात्री रोजाना पांच से 10 मिनट सांस लेने के व्यायाम व 20-30 मिनट पैदल चलने का अभ्यास करें। यात्रा में गर्म कपड़े, रेनकोट, छाता व दवाइयां साथ रखें।
- 55 वर्ष से अधिक आयु के लोग, गर्भवती महिलाएं, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, अस्थमा या मधुमेह से पीडि़त यात्री रखें विशेष ध्यान।
असत्यापित वीडियो या रील इंटरनेट मीडिया में न करें साझा
- यात्रा से संबंधित असत्यापित संदेश, वीडियो या रील को इंटरनेट मीडिया में साझा न करें। भ्रामक सामग्री का प्रसार सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावी कर सकता है या आमजन की भावना को आहत कर सकता है। इस पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- किसी भी साइबर अपराध के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 या देहरादून साइबर अपराध पुलिस स्टेशन को 0135-2655900 पर सूचित करें या मेल आइडी [email protected] पर मेल करें।
- बुकिंग और यात्रा के लिए अधिकृत सेवा एवं वेबसाइट का ही प्रयोग करें।
- ट्रैफिक पुलिस द्वारा निर्धारित मार्गों का पालन करने के साथ ही पार्किंग व रुकने की उचित सुविधा को भी संकेतों का पालन करें।
क्या करें
- पंजीकरण दस्तावेज साथ रखें और दर्शन को टोकन प्राप्त करें।
- यात्रा से पहले स्वास्थ्य जांच कराएं और दवाइयां साथ रखें।
- वाहन सही जगह पार्क करें और प्रशासन का सहयोग करें।
- लंबी यात्रा के लिए कम से कम दो चालक साथ रखें।
- मंदिर परिसरों की गरिमा का सम्मान करें।
- छोटे वाहनों (28 सीटर बस, टेंपो, ट्रेवलर) को प्राथमिकता दें।
क्या न करें
- पहाड़ में तेज गति वे वाहन न चलाएं, चालक से लंबे समय तक वाहन न चलवाएं।
- कचरा न फैलाएं, खुले में शौच न करें। प्लास्टिक का प्रयोग न करें।
- शराब या तंबाकू का सेवन न करें।
- निजी वाहनों का टैक्सी के रूप में उपयोग न करें।
- यात्रा में घरेलू एलपीजी सिलिंडर व अन्य ज्वलनशील वस्तु न रखेँ।
- बिना अनुमति के मंदिर के पास रील या वीडियो न बनाएं।
- ट्रैक्टर ट्राली का उपयोग यात्रा के लिए न करें।
महत्वपूर्ण संपर्क
- यात्रा हेल्पलाइन : 1364 या 0135-3520100 व 2559898
- चारधाम पुलिस कंट्रोल रूम : 0135-2714484
- साइबर हेल्पलाइन : 1930
- ईमेल:[email protected]
- आपदा अलर्ट के लिए एनडीएमए का एसएसीएचईटी एप डाउनलोड करें।









