Big Breaking:-400 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली; तब जाकर मिले छह लापता बच्चे, घूमने निकल गए थे हरिद्वार

एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल के छह छात्र छुट्टी के बाद स्कूल बस में बैठकर घर जाने के बजाय चुपचाप हरिद्वार घूमने निकल गए थे। देर शाम तक बच्चों के घर नहीं पहुंचने पर परेशान अभिभावक व स्थानीय लोग विद्यालय पहुंचे। पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

छह स्कूली बच्चों के अचानक लापता होने से बुधवार देर रात हड़कंप मच गया। पुलिस की तत्परता से कुछ ही घंटों में बच्चों को हरिद्वार से सकुशल तलाश लिया गया था।

बीते बुधवार को डोईवाला क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल के छह छात्र छुट्टी के बाद स्कूल बस में बैठकर घर जाने के बजाय चुपचाप हरिद्वार घूमने निकल गए थे। देर शाम तक बच्चों के घर नहीं पहुंचने पर परेशान अभिभावक व स्थानीय लोग विद्यालय पहुंचे। पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

बच्चों की तलाश में पुलिस ने 400 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही सोशल मीडिया पर बच्चों की तस्वीरें प्रसारित कर व्यापक स्तर पर तलाश के लिए अभियान चलाया गया। पुलिस की सक्रियता का असर यह रहा कि बच्चों की लोकेशन हरिद्वार रेलवे स्टेशन के पास मिली और पुलिस टीम ने तुरंत पहुंचकर उन्हें सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया।

पूछताछ में बच्चों ने बताया कि उन्होंने मिलकर हरिद्वार घूमने की योजना बनाई थी। इसके लिए वे स्कूल बैग में घर के कपड़े भी लेकर आए थे। स्कूल की छुट्टी के बाद सभी बिना बताए हरिद्वार पहुंच गए और हर की पैड़ी पर स्नान किया। रात होने पर परिजनों की डांट के डर से वे रेलवे स्टेशन पहुंच गए और कहीं दूर जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस टीम ने उन्हें ढूंढ निकाला और सकुशल परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

बच्चों के सुरक्षित मिलने के बाद परिवारों ने राहत की सांस ली। बृहस्पतिवार को चाइल्ड वेलफेयर समिति ने बच्चों और उनके अभिभावकों की काउंसलिंग भी की। प्रभारी निरीक्षक केके लुंठी ने बताया कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हर स्तर पर प्रयास किए, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए।

लोगों ने किया पुलिस का सम्मान
महज कुछ घंटों में पुलिस द्वारा लापता स्कूली छात्रों को ढूंढकर उनके परिजनों तक सकुशल पहुंचाने पर क्षेत्र के लोगों ने प्रभारी निरीक्षक कमल कुमार लुंठी और लालतप्पड़ चौकी प्रभारी आदित्य सैनी का सम्मान किया। पूर्व प्रधान राजकुमार राज ने कहा कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सक्रियता से बच्चे शीघ्र अपने परिजनों तक पहुंच गए। इस दौरान मंगल सिंह, सुंदर दास, गुरजीत सिंह, अजीत सिंह प्रिंस,महेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।

पुलिस की विशेष अपील
1- बच्चों के साथ संवाद बढ़ाएं, अभिभावक अपने बच्चों के साथ मित्रवत व्यवहार रखें और उनके मन की बात जानने का प्रयास करें, ताकि वह अपनी इच्छाएं और योजनाओं को साझा कर सकें।
2- दैनिक गतिविधियों पर नजर रखें : बच्चे स्कूल से समय पर घर पहुंच रहे हैं या नहीं, इसकी नियमित निगरानी करें। यदि बच्चा स्कूल बैग में अतिरिक्त सामान या कपड़े ले जा रहा हो, तो उसका कारण अवश्य पूछें।
3-स्कूल से संपर्क बनाए रखें : अभिभावक समय-समय पर स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों के संपर्क में रहें ताकि बच्चों की उपस्थिति और व्यवहार की जानकारी मिलती रहे।
4- सोशल मीडिया और संगति के प्रति सतर्कता : बच्चे सोशल मीडिया पर क्या देख रहे हैं और उनकी संगति किन लोगों के साथ है, इस पर ध्यान दें।
5- तत्काल सूचना दें : किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या बच्चे के लापता होने की स्थिति में बिना समय गंवाए , तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें।

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