
देहरादून में तापमान बढ़ने के साथ ही हवा की गुणवत्ता संतोषजनक से मध्यम श्रेणी में आ गई है, जहां एक्यूआई 100 के पार पहुंच गया है।
देहरादून। राजधानी दून में पारे के उछाल मारते ही हवा ने भी अपना रुख बदल दिया है। हवा की गुणवत्ता संतोषजनक श्रेणी से बाहर होकर मध्यम स्तर पर आ गई है। जिसका आशय यह हुआ कि सुकून की सांस की जगह अब हवा में प्रदूषण कणों की मात्रा बढ़ गई है। अब निरंतर एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई ) 100 पार नजर आ रहा है।
उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार गर्मी में उछाल के बाद पहली बार हवा ने 13 मई को रुख बदला था। 12 मई को एक्यूआई 69 पर संतोषजनक श्रेणी दिखा रहा था, जबकि अगले ही दिन यह आंकड़ा 113 पर जा पहुंचा।
तब से लेकर अब तक एक्यूआई 100 से नीचे नहीं आ पाया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट पर 16 मई से 17 मई के आंकड़े नहीं है। अंतिम आंकड़ा 18 मई के दिखाया गया है और यहां पर भी एक्यूआई 100 पर है।
बोर्ड अधिकारियों के अनुसार यदि गर्मी का ग्राफ ऐसा ही रहा तो वायु प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है। जिसका प्रभाव वर्षाकाल शुरू होने पर ही कम हो सकेगा।
दून में ऐसे बदला हवा का रुख
- तिथि, एक्यूआई, स्थिति
- 18 मई, 101 मध्यम
- 15 मई, 103, मध्यम
- 14 मई, 113, मध्यम
- 13 मई, 113, मध्यम
- 12 मई, 69, संतोषजनक
- 11 मई, 71 संतोषजनक
- 10 मई, 54, संतोषजनक
- 09 मई, 53, संतोषजनक
- 07 मई, 33, अच्छी
गर्मी बढ़ने पर इसलिए चढ़ रहा प्रदूषण का ग्राफ
विशेषज्ञों के अनुसार तेज धूप और अधिक तापमान में वाहनों और फैक्ट्रियों से निकलने वाली गैसें मिलकर जमीन के पास ओजोन बनाती हैं। यह ग्राउंड लेवल ओजोन गर्मी बढ़ाने के साथ ही सांस की बीमारियों में भी इजाफा करता है।
इसके अलावा अधिक गर्मी की दशा में मिट्टी सूख जाती है और हवा में धूल कण में वृद्धि कर वायु प्रदूषण का ग्राफ भी बढ़ाती हैं। कई बार गर्म मौसम में हवा कम चलती है और इससे प्रदूषक कण एक जगह जमा होकर वायु प्रदूषण में वर्द्धि करते हैं।









