उत्तराखण्ड

Big Breaking:-उत्तराखंड में गुटखा, पान मसाला बैन, धामी सरकार ने जनस्वास्थ्य के लिए दांव पर लगाए 40 करोड़

उत्तराखंड सरकार ने जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए गुटखा, पान मसाला और तंबाकू उत्पादों पर एक साल का प्रतिबंध लगाया है। इस निर्णय से सालाना 100 करोड़ रुपये का कारोबार और 40 करोड़ रुपये का जीएसटी राजस्व प्रभावित होगा, जिसमें राज्य को 20 करोड़ का नुकसान होगा।

देहरादून। तंबाकू और निकोटिन युक्त गुटखा, पान मसाला समेत अन्य प्रतिबंधित खाद्य उत्पादों पर एक साल की रोक लगाकर उत्तराखंड सरकार ने जनस्वास्थ्य को राजस्व से ऊपर रखा है। इन उत्पादों के कारोबार से सरकार को सालाना करीब 40 करोड़ रुपये का जीएसटी मिलता है। प्रतिबंध के चलते इस कारोबार पर बड़ा असर पड़ने की आशंका है। हालांकि, सरकार ने राजस्व के नुकसान की परवाह किए बिना जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता दी है।

तंबाकू उत्पादों पर जीएसटी की अधिकतम दर 28 प्रतिशत है। इसके अतिरिक्त संबंधित उत्पादों पर सेस भी लगाया जाता है, जिससे कर का कुल बोझ कुछ श्रेणियों में करीब 40 प्रतिशत तक पहुंच जाता है। ऐसे में प्रतिबंध से केवल दुकानदारों की बिक्री ही प्रभावित नहीं होगी, बल्कि थोक कारोबारियों, वितरकों और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े अन्य कारोबारियों पर भी असर पड़ सकता है।

राज्य और केंद्र को 20-20 करोड़ रुपये का राजस्व
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इन उत्पादों से सालाना करीब 40 करोड़ रुपये का जीएसटी प्राप्त होता है। इसमें लगभग 50 प्रतिशत यानी 20 करोड़ रुपये राज्य और शेष 20 करोड़ रुपये केंद्र सरकार के हिस्से में जाते हैं।

हालांकि, वास्तविक राजस्व हानि इस बात पर निर्भर करेगी कि प्रतिबंध के दायरे में आने वाले उत्पादों की बिक्री कितनी थी, आदेश का अनुपालन किस स्तर तक होता है और संबंधित कारोबार में कितनी गतिविधियां प्रभावित होती हैं।

100 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान
यदि 40 करोड़ रुपये के कर संग्रह को 40 प्रतिशत की प्रभावी कर दर के आधार पर देखा जाए, तो इससे लगभग 100 करोड़ रुपये के करयोग्य कारोबार का संकेत मिलता है।

कारोबारियों से लेकर खुदरा दुकानदारों तक असर
प्रतिबंध के चलते संबंधित उत्पादों के निर्माता, थोक विक्रेता, वितरक और खुदरा दुकानदार प्रभावित हो सकते हैं। जिन कारोबारियों ने इन उत्पादों का स्टॉक रखा है, उनके सामने भी माल के निस्तारण और नियमों के अनुपालन का सवाल खड़ा हो सकता है। हालांकि, स्टॉक को लेकर क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी, यह संबंधित विभाग के निर्देशों और लागू कानूनी प्रावधानों पर निर्भर करेगा।

Ad Ad
"उत्तराखण्ड आई" उत्तराखण्ड तथा देश-विदेश की ताज़ा ख़बरों व समाचारों का एक डिजिटल माध्यम है। अपने विचार अथवा अपने क्षेत्र की ख़बरों को हम तक पहुंचानें हेतु संपर्क करें। धन्यवाद! Email: [email protected]

GET IN TOUCH

संपादक: शाहबाज हुसैन
पता: किशनपुर, देहरादून, उत्तराखण्ड
दूरभाष: +91 70171 42309
ई-मेल: [email protected]

To Top