
जेल प्रबंधन और क्षमता में सुधार से कैदियों की भीड़ कम हुई है। 2021 में भारत में सबसे ज्यादा भीड़ वाली जेल उत्तराखंड की थीं, अब 118 फीसदी संख्या रह गई है।
पांच साल पहले उत्तराखंड की जेलें देश में सबसे अधिक भीड़ वाली थीं अब उनमें बेहद सुधार हुआ है। वर्ष 2021 में क्षमता के सापेक्ष लगभग दोगुने 185 फीसदी कैदी उत्तराखंड की जेलों में बंद थे। जबकि, अब जेल प्रबंधन और क्षमता में सुधार के चलते इस भीड़ में 66 फीसदी की कमी आई है।
अब यह राष्ट्रीय औसत से भी कम होने का अनुमान है। हालांकि, वर्तमान और पिछले साल के राष्ट्रीय औसत प्रकाशित नहीं हुए हैं। कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग ने शुक्रवार को इस संबंध में आंकड़े जारी करते हुए यह दावा किया है। डीआईजी जेल दधिराम ने बताया कि उत्तराखंड की कई बड़ी जेलों में बैरकों की संख्या बढ़ाई गई है।
ओवरक्राउडेड जेलों में शामिल रहा उत्तराखंड का नाम
इसके अलावा एक नई जेल का निर्माण भी पूरा हो चुका है। साथ ही गरीब कैदियों को जमानत दिलाने में मदद का भी परिणाम रहा कि देश की सबसे ओवरक्राउडेड जेलों में शामिल रहा उत्तराखंड का नाम अब इससे बाहर निकल गया है। वर्ष 2024 में ही उत्तराखंड की जेलों में कैदियों की भीड़ का राष्ट्रीय औसत 112 से थोड़ा अधिक था। उस वक्त यह 141 फीसदी था।
पिछले साल 2025 में उत्तराखंड की जेलों में क्षमता के सापेक्ष 124 फीसदी कैदी थे जो कि वर्तमान में 118 फीसदी रह गए हैं। बता दें कि वर्ष 2021 से 2023 के आंकड़ों के आधार पर इंडिया जस्टिस की रिपोर्ट में भी इसका उल्लेख किया था कि उत्तराखंड की जेल सबसे अधिक भीड़भाड़ वाली हैं। इसके लिए तमाम जेल सुधार करने के साथ ही आवश्यकताओं पर भी बल दिया गया था।
| वर्षवार | जेलों में कैदियों की क्षमता | बंदियों की संख्या |
| 2021 | 3741 | 6921 |
| 2022 | 3741 | 6858 |
| 2023 | 3761 | 6885 |
| 2024 | 3921 | 5548 |
| 2025 | 3961 | 4912 |
| 2026 | 3961 | 4703 |
ये उठाए गए कदम
– हरिद्वार जेल में नई बैरकें बनाई गईं।
– पिथौरागढ़ जिला कारागार का निर्माण पूरा हुआ।
– देहरादून और हरिद्वार जेलों का विस्तार चल रहा है।
– सितारगंज केंद्रीय कारागार का विस्तार जारी है।
– अल्मोड़ा में नई जिला जेल बनाई जा रही है।
– अल्प सजा वाले कैदियों की रिहाई और जमानत में मदद दी गई।
– गरीब बंदियों के लिए सपोर्ट टू पुअर प्रिजनर्स स्कीम लागू की गई।









