हल्द्वानी के आवासीय इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों और नियमों की अनदेखी के कारण आग का बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
हल्द्वानी। दिल्ली, लखनऊ से लेकर हल्द्वानी तक आग ने तांडव मचा रखा है। अग्निकांड में लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। चिंताजनक बात यह है कि हमारे अपने शहर हल्द्वानी की आवासीय आबादी बारूद के ढेर के बीच में है।
अगर समय पर उचित कदम नहीं उठाए गए तो आग के गुबार जान और माल का बड़ा नुकसान होगा और हम मूकदर्शक बने रह जाएंगे। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या जिम्मेदार फिर से बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में आमजन से लेकर जिम्मेदारों को जगाने के लिए दैनिक जागरण आग से पहले जागिए अभियान शुरू कर रहा है।
इसमें आग के प्रति संवेदनशील जगहों की पहचान कर उन्हें जिम्मेदारों के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है, ताकि वे त्वरित कार्रवाई कर शहर को बड़ी अनहोनी से बचा लें। पहली कड़ी में बुधवार को जागरण की टीम ने शहर के ऐसे आवासीय इलाकों में चलने वाली व्यावसायिक गतिविधियों की पहचान की, जहां अगर आग लगी तो आसपास की आबादी का बड़ा हिस्सा लपटों के दायरे में आएगा और नुकसान भी कई गुना होगा।
समता आश्रम गली में बड़ा खतरा
जागरण की टीम बरेली रोड से सटी समता आश्रम गली पहुंची। यहां रंगाई और पोताई के सामान का एक गोदाम दिखा, जिसमें अग्नि सुरक्षा से जुड़े इंतजाम नहीं थे। अग्निशमन उपकरण, फायर सेफ्टी अलार्म, स्प्रिंकलर और हाइड्रेंट सिस्टम का नामोनिशान नहीं दिखा। आपातकालीन निकास की व्यवस्था भी नहीं थी, जबकि गोदाम के आसपास रिहायशी इमारतें हैं।
इसी गली में आगे बढ़ते हुए आरा मशीन नजर आई। यहां पर आग को बेकाबू करने केे लिए पर्याप्त मात्रा में लकड़ी, उसके छिलके, बुरादा पड़े हैं। यहां पर भी अग्निशमन को लेकर कोई इंतजाम नजर नहीं आए, जबकि आसपास रिहायशी इमारतें थीं।
बनभूलपुरा की आबादी आएगी जद में
रिहायशी इलाकों के बीच चल रही इन आवासीय इमारतों की पहचान करने के लिए टीम जब आगे बढ़ी तो बनभूलपुरा लाइन नंबर 17 में भी ऐसी ही एक आरा मशीन नजर आई, यहां पर भी वही लापरवाही थी। न आग बुझाने के इंतजाम और न कोई फिक्र। यहां भी अगर आग लगी तो आसपास के भवन जद में आएंगे।
अग्निशमन में बाधा संकरी गलियां
जागरण टीम जब नैनीताल रोड पर गुरुनानकपुरा में पहुंचे तो यहां आबादी के बीच चल रहे एक अस्पताल के सामने संकरी गली दिखी। सबसे बड़ी चिंता ही यही है कि अगर यहां आग लगी तो ये संकरी गलियां दमकल की गाड़ियों के लिए बाधा बन सकती हैं। यहां पर इमरजेंसी के अंदर कोई फायर एक्सटिंग्विशर नहीं नजर आया।
जानिए क्या है समाधान
- प्रशासन और दमकल की टीम व्यावसायिक इमारतों की फायर एनओसी चेक करे
- अगर आग से सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं तो उन्हें तुरंत नोटिस जारी किया जाए
- यदि गंभीर चूक है तो तुरंत उसे सील किया जाए
- जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाए
व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में नियमों के अनुसार आग से सुरक्षा के इंतजाम होने चाहिए। दमकल विभाग इसे लेकर कार्रवाई भी कर रहा है। जहां भी कमियां हैं, उन्हें नोटिस दिया जा रहा है। – एमपी सिंह, अग्निशमन अधिकारी