Big Breaking:-वीआईपी घाट पर प्रतीक यादव की अस्थियां विसर्जित, बेहद भावुक माहौल में हुईं अंतिम धार्मिक रस्में

हृदय गति रुकने से समाजवादी पार्टी के संस्थापक दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का निधन हो गया था। उनकी अस्थियां गंगा में विसर्जित करने के लिए उनकी पत्नी अपर्णा हरिद्वार पहुंची।

समाजवादी पार्टी के संस्थापक दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव की अस्थियां शनिवार को गंगा में विसर्जित की गईं। प्रतीक यादव की अस्थियां लेकर परिवार हरिद्वार पहुंचा। वीआईपी घाट पर अस्थियां विसर्जित की गईं।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव की अस्थियां पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां गंगा में प्रवाहित की गईं। प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव, बेटियां प्रथमा और पद्मजा और उनके साथ शिवपाल यादव के सांसद बेटे आदित्य यादव भी थे।

अपर्णा यादव के पिता अरविंद बिष्ट और भाई अमन भी मौजूद रहे। अस्थि विसर्जन को लेकर घाट पर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई थी। परिवार ने बेहद भावुक माहौल में अंतिम धार्मिक रस्में निभाई। इससे पहले परिवार और पत्नी अपर्णा बच्चों के साथ जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचीं। जहां से वह हरिद्वार रवाना हुईं। 

किचन में अचेत अवस्था में मिले थे प्रतीक
मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद यह दूसरा बड़ा दुखद समाचार है। राजनीतिक गलियारों में भी शोक की लहर है। कई बड़े नेताओं ने प्रतीक यादव के निधन पर दुख व्यक्त किया है। प्रतीक यादव दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे थे।

उनकी मां साधना गुप्ता थीं। प्रतीक यादव की शादी अपर्णा यादव से हुई थी। वह राजनीति में सक्रिय नहीं थे। हालांकि, उनका परिवार राजनीतिक रूप से काफी प्रभावशाली है। उनके बड़े भाई अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।

सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव (38) का बुधवार तड़के निधन हो गया था। वह विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास के किचन में सुबह करीब चार बजे अचेत अवस्था में मिले थे। इसके बाद प्रतीक के नौकर ने सिविल अस्पताल में फोन किया।

डॉक्टरों की टीम प्रतीक के घर गई। घर पर उनके शरीर में कोई हरकत नहीं हो रही थी। इसके बाद प्रतीक को सिविल अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। 

खून का थक्का बन जाने की थी समस्या, चल रहा था इलाज
हृदय गति रुकने की वजह से जान गंवाने वाले प्रतीक यादव को हायपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) के साथ ही खून का थक्का बनने की भी समस्या थी। मेदांता अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। 29 अप्रैल को सांस लेने में समस्या होने पर प्रतीक यादव अंतिम बार मेदांता अस्पताल पहुंचे थे।

Ad Ad

सम्बंधित खबरें