
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि टिहरी लेक फेस्टिवल ने पर्यावरण, पर्यटन, संस्कृति और साहसिक खेलों के संदेश को विश्व तक पहुंचाया है।
नई टिहरी। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि) गुरमीत सिंह ने कहा कि द टिहरी लेक फेस्टिवल के जरिये पर्यावरण, बारामासी पर्यटन, संस्कृति और साहसिक खेल से जुड़े संदेश देश-दुनिया तक पहुंचे हैं।
इसने न सिर्फ टिहरी, बल्कि पूरे उत्तराखंड की क्षमता को साबित किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में उत्तराखंड अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
रविवार को द टिहरी लेक फेस्टिवल के तीसरे दिन कार्यक्रम में पहुंचे राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड शीतकालीन, ग्रामीण, सांस्कृतिक आदि पर्यटन को आगे बढ़ाने की कोशिशों में जुटा है।
राज्यपाल ने पेंटिंग, मास्टर शेफ, ग्रुप फैशन शो, मिस्टर एंड मिसेज टिहरी आदि प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए।
इस मौके पर विधायक किशोर उपाध्याय, जिला पंचायत अध्यक्ष इशिता सजवाण, डीएम नितिका खंडेलवाल, एसएसपी आयुष अग्रवाल, सीडीओ वरुणा अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत, दर्जाधारी राज्यमंत्री विनोद उनियाल, गीता रावत, नई टिहरी पालिकाध्यक्ष मोहन सिंह रावत, चंबा पालिकाध्यक्ष शोभनी धनोला आदि मौजूद रहीं।
महिलाओं ने साबित की प्रतिभा
राज्यपाल ने कहा कि पहाड़ की बेटियों के लक्ष्य बहुत ऊंचे हैं। वह मजबूत और दृढ़ इच्छा शक्ति वाली हैं। पहले विजिट में वह एक स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से मिले थे, जो नौ तरह का पहाड़ी नमक बनाती हैं।
यह नमक न्यूयार्क और लंदन में भी बिकता है। अल्मोड़ा की मशरूम उत्पादक महिला चर्चा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि वह 25 हजार रुपये महीना कमाती थीं। उन्होंने उनसे छह महीने में एक लाख रुपये कमाने को कहा, तो उन्होंने ऐसा ही कर दिया।









