
राजाजी टाइगर रिजर्व के प्रतिबंधित वन क्षेत्र में समाज कल्याण मंत्री खजान दास के बेटे की शादी के लिए लगा भव्य पंडाल वन विभाग ने हटा दिया।
शनिवार को राजाजी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में इस तरह से सजाया जा रहा था शाही शादी के लिए पंडाल। वहीं, शनिवार की रात को हटाने के बाद रविवार को सुबह इस तरह से साफ नजर आया
हरिद्वार। राजाजी टाइगर रिजर्व के प्रतिबंधित वन क्षेत्र में प्रस्तावित एक वीआइपी शादी समारोह पर वन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए रातों-रात बड़ी कार्रवाई कर दी।

सुरेश्वरी देवी मंदिर परिसर में तैयार किए गए भव्य पंडाल को शनिवार देर रात हटाया गया, वहीं मंदिर प्रबंधन से जुड़े दो लोगों पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
मामला राज्य के समाज कल्याण मंत्री खजान दास के परिवार से जुड़ा होने के कारण इस मामले और कार्रवाई ने राजनीतिक व प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। सवाल यह उठ रहा है कि संरक्षित वन क्षेत्र में कैसे इतना सामान पहुंचाया गया।

राजाजी टाइगर रिजर्व की हरिद्वार रेंज के अंतर्गत सुरेश्वरी देवी मंदिर परिसर में शनिवार को दिनभर बड़े स्तर पर शादी की तैयारियां चलती रहीं। ट्रकों और अन्य भारी वाहनों के माध्यम से सैकड़ों कुर्सियां, सोफे, बड़े कूलर, डीजे उपकरण और कैटरिंग का सामान संरक्षित जंगल के भीतर पहुंचाया गया।

यह इलाका बाघ, हाथी, गुलदार और अन्य वन्यजीवों की सक्रिय आवाजाही वाला संवेदनशील जोन माना जाता है। ऐसे में अचानक बढ़ने वाली मानवीय गतिविधियों और संभावित शोरगुल को लेकर स्थानीय लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई।
शिकायतों के बाद हरकत में आए वन विभाग ने शनिवार देर शाम मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। रातभर चले अभियान में पूरे पंडाल को हटवा दिया गया।

रविवार सुबह तक आयोजन स्थल पूरी तरह खाली करा लिया गया। इस दौरान मंदिर प्रबंधन से जुड़े दो व्यक्तियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा भी दर्ज किया गया।
हालांकि, निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंत्री के पुत्र का विवाह रविवार को उसी मंदिर परिसर में सादगी के साथ संपन्न हुआ। बताया गया कि पहले जहां करीब 500 मेहमानों के आने की योजना थी, वहीं विवाद के बाद संख्या सीमित कर दी गई।
रविवार दोपहर को कुछ समय तक राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन ने सुरेश्वरी देवी मंदिर को जाने वाले गेट को बंद किया।
रेंज अधिकारी महेश सेमवाल बताया कि अभिनव भारद्वाज और आशीष मारवाड़ी सहित अन्य लोगों के विरुद्ध वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया गया है और इसकी जांच भी शुरू करते हैं।
राजनीतिक साजिश के तहत हटाया गया पंडाल
समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने विवाह समारोह के दौरान मीडिया से बातचीत में कहा कि उनका परिवार पिछले 10-11 वर्षों से सुरेश्वरी देवी मंदिर में आस्था रखता है और नियमित रूप से यहां दर्शन के लिए आते रहते हैं।
उन्होंने बताया कि उनके छोटे पुत्र को पूर्व में स्वास्थ्य संबंधी समस्या हुई थी, जिसके बाद मंदिर में आकर प्रार्थना की गई थी। स्वास्थ्य में सुधार होने पर उन्होंने संकल्प लिया था कि पुत्र का विवाह इसी मंदिर में संपन्न कराया जाएगा।
आयोजन को पूरी तरह सादगीपूर्ण रखने की योजना थी, जिसमें किसी प्रकार का तेज ध्वनि वाला साउंड सिस्टम या शोरगुल शामिल नहीं था।
उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में पूर्व में वन विभाग के निदेशक से बातचीत हुई थी और उन्हें ऐसा लगा था कि आयोजन को लेकर सहमति है। लेकिन बाद में जिस प्रकार कार्रवाई हुई, उससे वे आश्चर्यचकित हैं।
मंत्री खजनदास ने इसे राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि यदि पहले ही स्पष्ट रूप से मना किया जाता, तो वे हरिद्वार के किसी अन्य मंदिर या आश्रम में विवाह का आयोजन करवा सकते थे।
इसके बावजूद उन्होंने कहा कि मां सुरेश्वरी देवी की कृपा से विवाह सादगीपूर्वक संपन्न हो गया, यही उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है।
मंदिर में पहले भी हो चुकी हैं शादियां
हरिद्वार। मंदिर समिति के पदाधिकारी आशीष मारवाड़ी ने कहा कि सुरेश्वरी देवी मंदिर परिसर में करीब 15 वर्ष पूर्व भी यहां विवाह संपन्न कराया जा चुका है।
इस आयोजन का उद्देश्य भी केवल धार्मिक परंपराओं के तहत माता को साक्षी मानकर फेरे संपन्न कराना और भंडारे के रूप में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित करना था।
समाज कल्याण मंत्री खजनदास की ओर से आयोजन को लेकर वन विभाग से बातचीत की गई थी और मंदिर समिति को यह विश्वास था कि आवश्यक अनुमति या सहमति प्राप्त है।
विवाह समारोह की नहीं थी अनुमति
राजाजी टाइगर रिजर्व के वाइल्डलाइफ वार्डन अजय लिंगवाल ने कहा कि विवाह समारोह के लिए विभाग की ओर से किसी प्रकार की अनुमति नहीं दी गई थी।
विभाग को केवल भंडारे की सूचना दी गई थी, जो सामान्य धार्मिक गतिविधि की श्रेणी में आती है और सीमित स्तर पर अनुमति योग्य होती है।
मौके पर निरीक्षण के दौरान पाया गया कि बड़े स्तर पर पंडाल लगाया गया है और भारी मात्रा में आयोजन सामग्री लाई गई है, जो कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और संरक्षित क्षेत्र के नियमों का उल्लंघन है। इसके चलते तत्काल कार्रवाई करते हुए पंडाल और अन्य सामग्री को हटाया गया।
शाही पंडाल को लेकर लोग थे उत्साहित
हरिद्वार। नियमों के विरुद्ध राजाजी टाइगर रिजर्व के संरक्षित क्षेत्र में शाही शादी के पंडाल को लेकर कई लोगों ने उत्साह दिखाया। जानकारी के अनुसार इसमें हरिद्वार के कुछ विभागीय अधिकारी के अलावा मंदिर समिति के पदाधिकारी भी अति उत्साह में आए।
वरिष्ठ नेता की समर्थकों ने की शिकायत
समाज कल्याण मंत्री खजनदास के बेटे की शादी में हरिद्वार सहित विभिन्न स्थानों से लोगों को आमंत्रित किया गया था।
शादी में आने वाले वीआइपी अतिथियों के लिए आलीशान सोफे सहित अन्य सुविधा भी पंडाल में जोड़ी गई थी। लेकिन अचानक शनिवार की शाम को नियम विरोध किया जा रहे इस आलीशान आयोजन को लेकर शिकायत हुई।
सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि इसकी शिकायत सत्ताधारी दल के एक वरिष्ठ नेता के समर्थकों ने की। मीडिया को दिए बयान में कैबिनेट मंत्री खजान दास ने भी इसे राजनीतिक साजिश करार दिया।









