
रामनगर के गोपीपुरा में ग्रामीणों के लिए खतरा बनी मादा गुलदार बकरे के लालच में वन विभाग के पिंजरे में फंस गई। वन विभाग ने उसे सुरक्षित पकड़कर घने जंगल में छोड़ दिया, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
रामनगर (नैनीताल)। लंबे समय से ग्रामीणों, कुत्तों व मवेशियों के लिए खतरा बनकर घूम रही मादा गुलदार बकरे के लालच में वन विभाग की कैद में फंस गया।
गुलदार वन विभाग के पिंजरे से छूटने के लिए बार-बार गुर्राती रही। उसे वन विभाग ने सुरक्षित घने जंगल में ले जाकर छोड़ दिया। अब ग्रामीण राहत महसूस कर रहे हैं।
तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अंतर्गत आमपोखरा रेंज में हल्दुआ के समीप गोपीपुरा में गुलदार ने गांव के कुत्तों व बकरियों का शिकार किया था।
गुलदार लगातार गांव के नजदीक क्षेत्र में घूमता देखा जा रहा था। जिससे गांव के लोगों को भी गुलदार के हमले का खतरा बना हुआ था। ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी।
डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्या ने गुलदार को पकड़ने की उच्चाधिकारियोंं से अनुमति ली। इसके बाद शनिवार को गोपीपुरा के वन क्षेत्र में पिंजरा लगाया गया था।
पिंजरे के भीतर एक बकरा रखा गया। ताकि बकरे के लालच में गुलदार पिंजरे के भीतर आ सके।
रात में गुलदार बकरे का शिकार करने के लिए पिंजरे में आया और कैद होकर रह गया।हालांकि बकरा पिंजरे के बीच में पार्टिशन होने की वजह से सुरक्षित है।
रविवार को पिंजरा चेक करने के लिए मौके पर पहुंचे वन कर्मियों ने गुलदार फंसा देखा। सूचना पर रेंजर खनायत व उनकी टीम ने गुलदार के पिंजरे को वाहन में रखवाया।
इसके बाद गुलदार को जंगल ले जाकर छोड़ दिया। रेंजर ने बताया कि मादा गुलदार स्वस्थ है।









