
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में इस सीजन में जंगल की आग की 20 घटनाएं हुई हैं, जिससे करीब 15 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है।
नई दिल्ली। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में इस सीजन में अब तक जंगल की आग की 20 घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं की वजह से रिजर्व फॉरेस्ट, वन पंचायत और राजस्व वन क्षेत्रों की लगभग 15 हेक्टेयर भूमि प्रभावित हुई है।
अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से चल रहे सूखे मौसम और मानवीय लापरवाही के कारण आग की घटनाएं बढ़ी हैं। कुछ मामलों में आग जानबूझकर लगाई गई प्रतीत होती है।
प्रभागीय वनाधिकारी रजत सुमन ने बताया कि आग लगाने के आरोप में कुछ लोगों को पकड़ा गया है और जांच जारी है। आग लगाने वालों पर भारी जुर्माना और गंभीर मामलों में 2 साल तक की जेल हो सकती है।
सूखे और बढ़ते तापमान के कारण स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जंगलों को नुकसान पहुंचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
डीएफओ ने बताया कि अब तक 20 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनसे लगभग 15 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा, जैसा कि हम देख रहे हैं, हालिया शुष्क दौर काफी समय से खिंच गया है।
इसके कारण तापमान बहुत बढ़ रहा है और इस दौरान लोग कई जगहों पर आग लगा रहे हैं। इससे हमारे लिए एक बहुत ही चिंताजनक स्थिति पैदा हो गई है। हमने देखा है कि ऐसी लगभग 20 घटनाएं सामने आई हैं।









