Big Breaking:-चारधाम आने वाले मैदानी राज्यों के यात्री हो रहे इस बीमारी के शिकार, डॉक्टर ने बताए टिप्स

चारधाम यात्रा पर आए मैदानी राज्यों के यात्री बीमार पड़ रहे हैं। चिकित्सा केंद्र के अनुसार, अपर्याप्त तैयारी और बिना विश्राम के लगातार यात्रा इसका मुख्य कारण है, जिससे 8,800 से अधिक यात्री प्रभावित हुए हैं।

ऋषिकेश। मैदानी राज्यों से चारधाम आ रहे यात्री स्वयं को उच्च हिमालयी क्षेत्र के तापमान के अनुकूल नहीं ढाल पा रहे और सर्दी की चपेट में आ जा रहे हैं। इससे उनमें कफ, सांस लेने में दिक्कत, पैरों में दर्द जैसी समस्याएं भी देखने को मिल रही हैं।

वहीं, बिना विश्राम के एक से अधिक धामों की यात्रा करने और सर्दी से बचाव को जरूरी सावधानी न बरतना भी यात्रियों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। अब तक 8,800 यात्री ऋषिकेश स्थित चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप के चिकित्सा केंद्र में स्वास्थ्य लाभ ले चुके हैं।

अस्थमा के मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत

ट्रांजिट कैंप चिकित्सा केंद्र के डा. प्रभारी विजय गौर के अनुसार, यात्रा पूरी कर लौटने वाले 50 में से 40 यात्री उच्च हिमालयी क्षेत्रों की परिस्थिति से अनभिज्ञ होने के कारण ठंड का शिकार हुए। यात्रियों ने पूछताछ में बताया कि वे पर्याप्त गर्म कपड़े, बरसाती व अन्य आवश्यक संसाधन साथ नहीं ले गए।

इसके अलावा कई यात्री ऐसे थे, जो पर्वतीय क्षेत्र के भूगोल से अनभिज्ञ थे। उन्होंने बिना विश्राम के एक से अधिक धामों की यात्रा पूरी की और शरीर को पर्याप्त आराम न मिलने व उचित सावधानी न बरतने के कारण ठंड की चपेट में आ गए। कहा कि अस्थमा के मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कतें आ रही हैं।

यात्रा के दौरान करें ये उपाय

  • गर्म कपड़े, बरसाती व आवश्यक दवाएं साथ रखें।
  • एक धाम की यात्रा करने के बाद बीच में विश्राम लें, लगातार यात्रा करने से बचें।
  • पैदल ट्रेक पर धीरे-धीरे चलें और हल्की-हल्की सांसें लें।
  • चारधाम में पीने के लिए गर्म पानी साथ रखें।
  • यात्रा रूट पर कहीं भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।
  • जूते पहनकर पैदल यात्रा करें, कानों को भी ढककर रखें।

हवाई चप्पल में नाप रहे लंबी दूरी

मैदानी राज्यों के ग्रामीण इलाकों के यात्री चारधाम में स्वास्थ्य व शारीरिक सुरक्षा को गंभीरता से नहीं ले रहे। राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, हरियाणा आदि राज्यों के ग्रामीण इलाकों के यात्री पैदल यात्रा हवाई चप्पल पहनकर ही कर रहे हैं।

चिकित्सा केंद्र के प्रभारी डा. विजय गौर ने बताया कि चारों धाम की यात्रा में जूते न पहनने से यात्री सर्दी का शिकार व चोटिल हो सकते हैं।

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