
उत्तराखंड हाई कोर्ट और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने प्रधानमंत्री मोदी की ईंधन बचाओ अपील पर पहल की है। इसके तहत ‘सुरक्षित ईंधन-सुरक्षित जीवन’ अभियान शुरू किया गया है, जिसमें न्यायिक अधिकारी और कर्मचारी साइकिल या पैदल चलेंगे।
नैनीताल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ईंधन बचाओ की अपील का अनुपालन करते हुए हाई कोर्ट के साथ ही उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने बड़ी पहल की है।
हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के निर्देश के बाद हाई कोर्ट के न्यायाधीशगण, न्यायिक अधिकारी-कर्मचारी, बार एसोसिएशन के सदस्य शुक्रवार को अपने कार्यालयों तक साइकिल अथवा पैदल चलकर ईंधन संरक्षण में योगदान देंगे।
हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार प्रोटोकॉल राहुल कुमार श्रीवास्तव की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार भवाली, हल्द्वानी आदि दूरस्थ स्थानों से आने वाले अधिवक्ता कोर्ट की कार्रवाई में वर्चुअल मोड में शामिल होंगे।
शुक्रवार सुबह दस बजे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश-न्यायाधीशगण, न्यायिक अधिकारी-कर्मचारी आदि पैदल कार्यालय आएंगे।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण का एक माह तक चलेगा अभियान
उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से प्रधानमंत्री की अपील के अनुपालन में राज्यभर के न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों, वादकारियों और अन्य हितधारकों को शुक्रवार 15 मई से कम से कम एक माह की अवधि के लिए कार्यालयों-न्यायालयों तक आने-जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन, साइकिल अथवा पैदल चलने के लिए प्रोत्साहित करने का अभियान शुरू किया गया है।
सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों को राज्य भर में ‘सुरक्षित ईंधन-सुरक्षित जीवन’ नामक राज्यव्यापी जागरूकता अभियान प्रारंभ करने के निर्देश जारी किए गए हैं। अभियान 15 मई, 2026 से प्रारंभ होकर एक माह की अवधि तक प्रत्येक सोमवार और शनिवार को चलाया जाएगा।
इस अवधि के दौरान न्याय वितरण प्रणाली से जुड़े समस्त न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ताओं, कर्मचारी-वादकारी और अन्य हितधारकों को सोमवार एवं शनिवार के दिनों में कार्यालयों-न्यायालयों तक आने-जाने को निजी वाहनों का उपयोग नहीं करने को प्रोत्साहित किया जाएगा।
सालसा के सदस्य सचिव प्रदीप मणि त्रिपाठी के अनुसार इस पहल का उद्देश्य ईंधन संरक्षण को बढ़ावा देना और पर्यावरण सुरक्षा को संवर्धित करना है। संबंधित अधिकारियों को इन निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
प्रधानमंत्री ने की है यह अपील
प्रधानमंत्री ने अपनी अपील में कहा है कि ईंधन एक अत्यंत महत्वपूर्ण संसाधन है, जो परिवहन, उद्योगों, कृषि और दैनिक जीवन को संचालित करता है, जिससे यह आर्थिक विकास और प्रगति के लिए अनिवार्य हो जाता है।
इसका सही उपयोग ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करता है, सीमित संसाधनों पर निर्भरता कम करता है और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में सहायता करता है। भविष्य की पीढ़ियों लिए निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए ईंधन का उपयोग विवेकपूर्ण ढंग से किया जाना चाहिए।









