Big Breaking:-उत्तराखंड में यूसीसी का पहला प्रहार, हलाला पर देश में पहला मुकदमा दर्ज

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू होने के बाद हलाला से जुड़ा देश का पहला मुकदमा दर्ज हुआ है।

देहरादून। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू होने के बाद उत्तराखंड में अब उसका पहला बड़ा कानूनी असर सामने आया है।

रुड़की में तीन तलाक के एक मामले में पुनर्विवाह की शर्त के तौर पर हलाला को लेकर यूसीसी के प्रविधानों के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

हलाला को लेकर देश में यह पहली बार कोई मुकदमा दर्ज हुआ है। मुकदमे में गुरुवार को पुलिस ने महिला पर हलाला को दबाव बनाने के लिए पति समेत नौ आरोपितों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दिया है।

इसमें यूसीसी के तहत दंडात्मक प्रविधानों का भी उल्लेख किया गया है। प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग की उपाध्यक्ष फरजाना बेगम शुक्रवार को पीड़िता से मिलकर उसकी व्यथा सुनेंगी।

यह मामला इसलिए भी बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार यूसीसी के तहत हलाला को सीधे आपराधिक दायरे में लाकर कार्रवाई की गई है।

पुलिस जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद यूसीसी एक्ट की धाराएं बढ़ाई गईं और पूरे मामले को गंभीर अपराध मानते हुए आरोपपत्र दाखिल किया गया। बुग्गावाला थाना क्षेत्र रुड़की-हरिद्वार की रहने वाली युवती की शादी दो वर्ष पहले मोहम्मद दानिश निवासी मजाहिदपुर सतीवाला से हुई थी।

आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष दहेज को लेकर प्रताड़ित करने लगा। कमरे में बंद कर महिला को पीटा गया और बाद में पति ने तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया।

पीड़िता करीब 15 दिन मायके में रही। जब उसने पति से दोबारा साथ रखने की बात कही तो उस पर हलाला करने का दबाव बनाया गया। महिला ने आरोप लगाया कि पति ने कहा कि ‘जहां कहा जाए, वहां हलाला करना पड़ेगा।’

इसके बाद गत चार अप्रैल को महिला ने पति मोहम्मद दानिश, ससुर सईद, जेठ मोहम्मद अरसद, देवर परवेज और जावेद, सास गुलशाना, ननद सलमा और ननदोई फैजान के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और तीन तलाक का मुकदमा रुड़की के बुग्गावाला थाने में दर्ज कराया था।

पहले आठ आरोपित थे, लेकिन अब आरोपपत्र में एक और को भी शामिल किया गया है।

जांच में खुली हलाला की परत

शुरुआत में मुकदमे में हलाला से संबंधित धाराएं शामिल नहीं थीं, जिस पर पीड़िता और उसके परिवार ने नाराजगी जताई थी। मामले की जांच कर रहे उप निरीक्षक मनोज कुमार ने पीड़िता और अन्य लोगों के बयान दर्ज किए।

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