
भीषण गर्मी के कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पानी की मांग बढ़ने से गंग नहर को पूरी क्षमता से चलाया जा रहा है।
रुड़की। भीषण गर्मी और सिंचाई के लिए बढ़ती मांग के चलते उप्र सिंचाई विभाग ने गंग नहर को पूरी क्षमता से संचालित करना शुरू कर दिया है।
गंग नहर में 13 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। गंग नहर से हरिद्वार के अलावा उत्तर प्रदेश के 17 जिलों को पानी की आपूर्ति होती है। इसके अलावा नोएडा जल निगम एवं दिल्ली जल निगम के लिए भी पेयजल की आपूर्ति की जाती है।
42 डिग्री पर पहुंचा तापमान
इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है। रुड़की का तापमान ही 42 डिग्री पर पहुंच गया है। ऐसे में सिंचाई के लिए पानी की जबरदस्त मांग बनी हुई है।
हरिद्वार जिले के अलावा मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मेरठ, गाजियाबाद, मथुरा, बुलंदशहर, अलीगढ़, फिरोजाबाद, इटावा, कानपुर नगर और कानपुर देहात समेत उत्तर प्रदेश के 17 जिले एवं दिल्ली जल निगम और नोएडा जल निगम को भी गंग नहर से ही पानी की आपूर्ति होती है।
इसके चलते उत्तर प्रदेश शासन की ओर से गंग नहर में जलस्तर बढ़ाने के निर्देश दिए। जिस पर उप्र सिंचाई विभाग की ओर से गंग नहर में जलस्तर को बढ़ा दिया है। इस समय गंग नहर अपनी पूरी क्षमता 13 हजार क्यूसेक पर चल रही है। रुड़की में ही घाटों की अंतिम सीढ़ी तक पानी आ गया है। वहीं, सिंचाई विभाग ने गंग नहर के घाटों की भी पेट्रोलिंग बढ़ा दी है।
उत्तरीखंड गंग नहर के अधिशासी अभियंता विकास त्यागी ने बताया कि दिल्ली एवं नोएडा को गंग नहर से ही पेयजल की आपूर्ति होती है। ऐसे में पूरी क्षमता से गंग नहर को संचालित किया जा रहा है।
बताते चलें कि अमूमन गंग नहर में पानी का बहाव आठ से दस हजार क्यूसेक के बीच में ही रहता है।









