
उत्तराखंड सरकार प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर ईंधन बचत को बढ़ावा देने के लिए बड़ी पहल कर रही है। जल्द ही इलेक्ट्रिकल व्हीकल नीति की घोषणा होगी।
देहरादून। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान के दृष्टिगत ईंधन बचत को बढ़ावा देने को भाजपा शासित उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी सरकार बड़ी पहल करने जा रही है। प्रदेशभर में इलेक्ट्रिकल व्हीकल को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहित किया जाएगा।
इस संबंध में नीति की घोषणा शीघ्र होगी। साथ में सरकारी तंत्र में ईंधन बचत के लिए भी कार्ययोजना बनाई जा रही है। सरकारी विद्यालयों में आनलाइन कक्षाओं के साथ ही सरकारी कार्यालयों में वर्क फ्राम होम को लेकर मंथन किया जा रहा है।
देवभूमि उत्तराखंड डबल इंजन के बूते विकास योजनाओं एवं कार्यक्रमों को धरातल पर उतारती रही है, अब प्रधानमंत्री के राष्ट्र को दिए गए संदेश को अमल में लाने की तैयारी की गई है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बने हालात को देखते हुए पेट्रोलियम पदार्थों तेल व गैस के के सीमित और समुचित उपयोग को सरकारी कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं इसमें रुचि ले रहे हैं। उनके निर्देशों के दृष्टिगत शासन स्तर पर इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने की कवायद प्रारंभ हो चुकी है।
पेट्रोलियम पदार्थों की खपत को नियंत्रित करने के उपायों पर गहन मंथन के साथ इलेक्ट्रिकल व्हीकल को व्यापक प्रोत्साहन देने की तैयारी है।
इस नीति के केंद्र में प्रमुख रूप से तीन बिंदु रहेंगे। पेट्रोल व डीजल पर निर्भरता को कम करने के साथ ही प्रदूषण को घटाने में भी बड़ी सहायता मिलेगी। साथ में घरेलू विनिर्माण की परिस्थितियों का सृजन, ताकि रोजगार के अवसर बढ़ सकें।
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर होगा विकसित
उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार ईवी नीति में कर छूट के साथ सब्सिडी, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने के लिए प्रोत्साहन को कदम उठाए जाएंगे। साथ में स्थानीय स्तर पर उत्पादन के लिए इको सिस्टम को भी निर्मित किया जाएगा।
घर और कार्यालयों में चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध हो, इसे ध्यान में रखकर व्यवस्था बनाई जाएगी। इलेक्ट्रिकल व्हीकल महंगे हैं, ऐसे में इनकी खरीद के लिए प्रेरित करने को कई तरह की रियायतों की घोषणा की जा सकती है।
विद्यालयों और कार्यालयों में आनलाइन कामकाज
प्रदेश सरकार अपने कार्यालयों और विद्यालयों में आनलाइन कामकाज को बढ़ावा देने जा रही है। कोरोनाकाल के दौरान आनलाइन कक्षाओं के प्रयोग को दोबारा आजमाया जा सकता है।
साथ में सरकारी कार्यालयों में वर्क फ्राम होम को क्रियान्वित किया जाएगा। इससे शिक्षकों व कर्मचारियों की आवाजाही में कमी आने से ईंधन की बड़े स्तर पर बचत संभव है।
सरकारी वाहनों की पूलिंग
सूत्रों की मानें तो सरकारी वाहनों की पूलिंग पर काम किया जा रहा है, ताकि एक सरकारी वाहन का उपयोग एक से अधिक कार्मिकों अथवा अधिकारियों की आवाजाही के लिए किया जा सकेगा।









