
देहरादून के एक निजी अस्पताल में मरीज की मौत के बाद परिजनों ने देर रात हंगामा किया। परिजनों ने आयुष्मान योजना के तहत इलाज में देरी का आरोप लगाया।
देहरादून। हरिद्वार के ज्वालापुर से गंभीर हालत में इलाज के लिए लाए गए मरीज की मौत के बाद स्वजन ने देर रात निजी अस्पताल में जमकर हंगामा किया।
स्वजन ने आरोप लगाया कि आयुष्मान योजना की फाइल बनाने के नाम पर उन्हें इधर-उधर चक्कर कटवाए गए और समय रहते इलाज नहीं मिला।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया। देर रात करीब पौने 12 बजे स्वजन शव लेकर ज्वालापुर के लिए रवाना हुए।
मृतक के जीजा राजीव कुमार प्रजापति ने बताया कि ज्वालापुर निवासी सूरज दत्ता (40)को ब्रेन हेमरेज की समस्या थी और उनके पहले भी तीन आपरेशन हो चुके थे।
ज्वालापुर के एक अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान हालत बिगड़ने पर चिकित्सकों ने उन्हें पटेलनगर स्थित एक निजी अस्पताल रेफर कर दिया। स्वजन शाम करीब चार बजे मरीज को लेकर अस्पताल पहुंचे।
आरोप है कि यहां डाक्टरों ने आयुष्मान योजना की फाइल तैयार कराने को कहा, लेकिन कर्मचारी उन्हें अलग-अलग काउंटरों पर भेजते रहे।
स्वजन का कहना है कि मरीज की हालत लगातार गंभीर बनी रही, लेकिन समय पर उपचार शुरू नहीं हो सका। रात करीब साढ़े नौ बजे डाक्टरों ने मरीज को मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद नाराज स्वजन ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया और डाक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया।
वहीं, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीज को बेहद गंभीर हालत में वेंटिलेटर सपोर्ट पर अस्पताल लाया गया था। आयुष्मान योजना की आनलाइन प्रक्रिया होने के कारण कुछ समय लगा होगा। लेकिन डाक्टरों ने मरीज को बचाने के हरसंभव प्रयास किए।









