Big Breaking:-मर्चूला में रामगंगा-बदनगढ़ संगम के अंत्येष्टि स्थल पर जयमाला की रस्म, उत्तराखंड में वेडिंग डेस्टिनेशन पर उठे सवाल

प्रशासन ने बिना अनुमति सार्वजनिक स्थान पर ऐसे आयोजन पर सख्त रुख अपनाया है और रिजॉर्ट संचालक पर कार्रवाई की बात कही है।

सल्ट (अल्मोड़ा)। उत्तराखंड को देश−विदेश के युगल के लिए पसंदीदा डेस्टिनेशन वेडिंग हब विकसित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार नीति बनाने पर मंथन कर रही है। मगर पहाड़ में रिजार्ट संचालक धामी सरकार से दो कदम आगे निकलने लगे हैं।

अच्छे कारोबार के फेर में बगैर प्रशासनिक अनुमति नए वेडिंग डेस्टिनेशन चिह्नित कर विवाह समारोह कराए जा रहे हैं। मगर टूरिस्ट स्पाट मर्चूला के विवाह समारोह ने तो सभी को हैरत में डाल दिया। यहां शानदार लोकेशन के बीच पवित्र रामगंगा व बदनगढ़ नदी के संगम पर तीर्थ यानि अंत्येष्टि स्थल पर विवाह की रस्म निभाई गई।

जहां अंतिम यात्रा पूरी करने को पहुंचता है, वहां शादी का समारोह

जहां इंसान अंतिम यात्रा पूरी कर पहुंचता है, वहां नवविवाहत जोड़े के जीवन की नई शुरूआत की परंपरा से समारोह जहां चर्चाओं में है, वहीं इंटरनेट मीडिया पर आलोचनाएं भी खूब हो रही हैं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या पहाड़ में वेडिंग डेस्टिनेशन के नाम पर अब परंपराएं ऐसे तोड़ी जाएंगी।

बहरहाल, श्मशान घाट पर विवाह समारोह का रिजार्ट संचालक ने दिया या अनजाने में जयमाला की रस्म निभाई गई अथवा वर व वधू पक्ष ने मर्जी से यह निर्णय लिया हो मगर प्रशासन सख्त हो गया है।

तहसीलदार ने कहा, किसी भी सार्वजनिक स्थान पर समारोह की अनुमति नहीं

तहसीलदार ने कहा कि रिजार्ट परिसर से बाहर सार्वजनिक स्थान पर किसी भी समारोह के लिए अनुमति जरूरी है। अंत्येष्टिस्थल पर विवाह समारोह के बारे में प्रशासन को जानकारी दी जानी चाहिए थे। हालांकि रिजार्ट प्रबंधक राकेश शर्मा ने कहा कि पार्टी को बताया था लेकिन उन्हें यही लोकेशन पसंद आ गई।

मर्चूला में आते हैं बड़ी संख्या में पर्यटक

साहसिक पर्यटन के रूप में विकसित हो रहे मर्चूला में रामगंगा व बदनगढ़ नदी के संगम पर विवाह समारोह से जुड़ा वीडियो खूब वायरल हो रहा है। चर्चाओं में भी खूब है। वजह, विवाह समारोह के लिए बढ़िया वेडिंग डेस्टिनेशन की तलाश में मर्चूला पहुंचे यहां पहुंचे पर्यटकों ने रिजार्ट के पास ही उस स्थान को विवाह का मंडप बना दिया, जो आसपास के ग्रामीणों का वर्षों पुराना अंत्येष्टि स्थल है। संभवत: विवाह समारोह दो दिन पूर्व हुआ और बीती मध्यरात्रि से इंटरनेट मीडिया पर आलोचनाओं में घिर गया।

इस समारोह के बाद लोग तंज कस रहे हैं

लोग तंज कस रहे हैं कि उत्तराखंड में वेडिंग डेस्टिनेशन की शुरूआत हो गई है। अब अंत्येष्टि स्थलों पर भी विवाह समारोह होंगे। सामाजिक कार्यकर्ता परम कांडपाल ने पोस्ट के जरिये कड़ा एतराज जताया है कि मर्चूला के श्मशान घाट पर दाह संस्कार वाले स्थल पर जयमाला कार्यक्रम बर्दास्त करने योग्य नहीं है। उन्होंने होटल व रिजार्ट संचालकों को सचेत भी किया है।

इसी तरह अंकित रावत ने पूछा है कि श्मशानघाट पर वैवाहिक कार्यक्रम व पर्वतीय परंपराओं को प्रभावित करने की अनुमति किसने दी।

प्रशासन भी हैरान

तहसीलदार आबिद अली ने हैरानी जताते हुए कहा कि रिजार्ट परिसर से बाहर सार्वजनिक स्थल खासतौर पर श्मशान घाट पर जयमाला व अन्य रस्म कैसे की जा सकती है। प्रशासन के संज्ञान में न लाने व अनुमति नहीं मांगे जाने पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने कहा कि रिजार्ट संचालक से पूछताछ की जाएगी। चालान भी काटा जा सकता है।

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