
कारीगर बनकर आए एक व्यक्ति ने ऋषिकेश के प्रसिद्ध छोले-भटूरे कारोबारी परिवार से लाखों की धोखाधड़ी की।
ऋषिकेश । शहर में छोले-भटूरे की प्रसिद्ध दुकान पर कारीगर बनकर आए व्यक्ति ने कारोबारी परिवार के साथ लाखों की धोखाधड़ी की। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस को दी तहरीर में जीवन बिष्ट, निवासी गुलाटी प्लाट, गंगानगर ने बताया कि उनके पिता हीरा सिंह बिष्ट की अद्ववैतानंद मार्ग पर पुरानी छोले-भटूरे की दुकान है। वर्ष 2014 में उनके पिता की मौत हो गई थी। वह और उनका भाई बाहर रहते थे।
उनकी माता राधा बिष्ट ऋषिकेश में अकेली रहती थी और वही दुकान का संचान कर रही थीं। वर्ष 2020 में लाकडाउन लगने पर कारीगर और स्टाफ की कमी हो गई। उसी दौरान नवीन कुमार गुप्ता नाम का एक व्यक्ति उनकी माता से मिला और भगवान आश्रम में रहने की बात कहते हुए स्वयं को कारीगर बताया। कारीगर की आवश्यकता होने पर उसे दुकान में रख लिया।
चेक बुक, एटीएम आदि अपने पास रख लिए
आरोप है कि नवीन गुप्ता ने उनकी माता और दुकान के स्टाफ को अपने प्रभाव में लेना शुरू किया। वह माता का उपचार व दवाई आदि लाने के साथ पूरा हिसाब-किताब भी देखने लगा। बैंकों से लेन-देन भी वही करता था। उनकी माता के चार अलग-अलग बैंकों के खातों की चेक बुक, एटीएम आदि अपने पास रख लिए।
ग्राहकों से ली जाने वाली रकम अपने क्यूआर कोड को दुकान में लगाकर लेने लगा। कई लोगों से रकम उधार और ब्याज पर लेकर उनकी माता के हस्ताक्षर किए हुए चेक दे दिए। अक्टूबर 2025 में दोनों भाई दीपावली पर घर आए तो आरोपित ने दिल्ली जाने की बात कही। इसी साल फरवरी में उनके भाई की शादी में कुछ रुपयों की जरूरत पड़ी तो बैंकों में जाकर पता किया, उसमें रकम कम थी।
आरोप है कि नवीन गुप्ता अब वापस भी नहीं आ रहा है। हालांकि, कुल कितनी रकम का हेरफेर किया गया, इसका खुलासा नहीं किया गया। रकम लाखों में बताई है। ऋषिकेश कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक कैलाश चंद्र भट्ट ने बताया कि आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।









