
प्रशासन ने मतांतरण कर अनुसूचित जाति के लाभ लेने वालों पर कार्रवाई शुरू कर दी है।
रुद्रपुर। मतांतरण कर अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति को मिलने वाली सुविधाओं का लाभ दोनाें हाथ में लड्डू रखने वालों पर प्रशासन ने कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। जांच में मतांतरण की सच्चाई सामने आने के बाद प्रशासन ने अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र को निरस्त करने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।
मतांतरण प्रकरण में प्रशासन की जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। नानकमत्ता में अनुसूचित जाति के व्यक्ति की भूमि पर भवन बना कर उस पर विद्युत कनेक्शन लेने वाले पास्टर को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण प्रशासन पहले ही मांग चुका है। एडीएम प्रशासन पंकज उपाध्याय वहां लगातार अपनी नजर बनाए है। वहीं गदरपुर में भी जांच ने अब रफ्तार पकड़ ली है।
बीते दिनों एडीएम वित्त एवं राजस्व कौस्तुभ मिश्रा ने गदरपुर क्षेत्र में मतांतरण के प्रकरण की जांच की तो चौकाने वाले तथ्य सामने आए थे। जांच में वहां प्रशासन द्वारा सील की गई चर्च की भूमि पर शर्तो का उलंघन मानते हुए प्रशासन ने नोटिस चस्पा कर भूमि को राज्य सरकार में निहित करने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।
चर्च की भूमि को राज्य सरकार में निहित करने की कार्रवाई के बाद प्रशासन की जांच में मतांतरण की शिकायत पर जब ईसाई धर्म स्वीकार कर चुके राजन कुमार पुत्र संजय कुमार निवासी चकरपुर बरखेड़ा गदरपुर की जांच की तो सामने आया 14 जनवरी 2019 को गदरपुर तहसील से अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र उसे जारी किया गया था। जबकि प्रशासन की जांच में सामने आया कि उसके द्वारा ईसाई धर्म स्वीकार कर लिया गया है।
इसका प्रमाण इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक को साक्ष्य के रूप में लिया गया है। जिसमें राजन कुमार ने राजन मसीह के नाम से अपनी आईडी बना रखी है। जिस पर गदरपुर तहसील के राजस्व उप निरीक्षक व राजस्व निरीक्षक द्वारा संयुक्त जांच करने के उपरांत राजन कुमार के नाम जारी किया गया जाति प्रमाण पत्र निरस्त करने के लिए स्कूटनी समिति को भेज दिया गया है। जिलाधिकारी द्वारा राजन कुमार के नाम जारी किए गए प्रमाण पत्र को निरस्त करने को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
जनपद में होगी दोहरे लाभ लेने वालों की जांच
रुद्रपुर : जनपद में राजन कुमार एक मात्र व्यक्ति नहीं है जिसने ईसाई धर्म अपनाने के उपरांत भी अनुसूचित जाति की सुविधाओं का माेह त्यागा नहीं है।
गदरपुर में एक मामला सामने आने के बाद मतांतरण की गहराई तक जाने के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। जिसके चलते प्रशासन की जांच में और भी नाम सामने आने की संभावनाएं बन गई है। जिससे आने वाले समय में ईसाई धर्म अपना चुके लोगों को अनुसूचित जाति का लाभ नहीं मिल पाएगा। प्रशासन उच्चतम न्यायालय के पूर्व के निर्णय के आधार पर दोहरे लाभ लेने वालों को चिन्हित कर कार्रवाई करने की तैयारी में है।
बच्चों को मानसिक रूप से कर रहे ईसाई धर्म अपनाने के लिए तैयार
रुद्रपुर : गदरपुर क्षेत्र के ईसाई मिशनरी से जुड़े शिक्षण संस्थान के बस चालक का एक चौकाने वाला मामला सामने आया है। हिंदूवादी संगठन से जुड़े लोगों ने भी एक पुरानी घटना की शिकायत प्रशासन से कर इस तरह की हरकतों पर ऐसे विद्यालय चिन्हित कर उनकी मान्यता निरस्त करने की मांग भी की है।
उनके द्वारा बताया गया छोटे बच्चों को ले जा रहे स्कूल वैन चालक द्वारा योजनाबद्ध तरीके से वाहन खराब होने की बात बोल स्कूल वैन को सड़क किनारे खड़ा कर दिया। उसके बाद चालक ने बस में बैठे मासूम छोटे बच्चों से वैन के स्टार्ट करने के लिए भगवान से प्रार्थना के लिए कहा गया। भगवान का नाम लेने पर वैन स्टार्ट नहीं होती है।
वहीं कुछ देर के बाद चालक ने ईसाई धर्म के नाम पर वाहन को स्टार्ट कर बच्चों पर मानसिक दबाव बनाने का प्रयास किया गया। प्रशासन ने मामला सामने आने के बाद उसे भी अपनी जांच में शामिल करने का निर्णय लिया है।
जाति प्रमाण पत्र की शिकायत पर जांच की गई। जांच में शिकायत सहीं पाए जाने के उपरांत जाति प्रमाण पत्र निरस्त करने की संस्तुति कर स्कूटनी कमेटी को भेज दी गई है। – ऋचा सिंह, एसडीएम गदरपुर









