
मसूरी-देहरादून मुख्य मार्ग पर बने दूसरे वैलीब्रिज की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। पूर्व पालिकाध्यक्ष ने बड़ी दुर्घटना की आशंका जताई है।
मसूरी। मसूरी देहरादून मुख्य सड़क मार्ग पर शिव मंदिर से थोड़ी दूरी पर बनाया गया दूसरा वैलीब्रिज सुरक्षा की दृष्टि से संदेह के घेरे में है।
चालीस मीटर स्पान के इस ब्रिज को पहले से बने वैलीब्रिज से टाई भी किया गया है, लेकिन पुल के मध्य भाग में पुल के नीचे बहने वाले नाले से लोहे के गार्डर सपोर्ट में खड़ा किया गया है, जो नाले से बहुत ज्यादा ऊंचाई पर है। जिससे यह अंदेशा बना हुआ है कि भारी लाेडेड वाहन इसके ऊपर से गुजरेंगे तो क्या यह लोहे के भार को वहन कर सकेगा।
घट सकती है बड़ी दुर्घटना
सपोर्ट में बनाये गये गर्डर के नीचे फाउण्डेशन भी नहीं बनायी गयी है और गर्डर भी पतले हैं जो पुल के साइज के भी नहीं लगते हैं।
इसमें मसूरीवासियों की प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है। पूर्व पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल ने कहा है कि अगर गलती से कभी
पुल के ऊपर दो बसें या लोडेड ट्रक एक साथ आ गये तो बड़ी दुर्घटना घट सकती है।
लोकनिर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने कहा है कि पुल के बीचों बीच में लोहे के गार्डर से दी गयी सपोर्ट को पुल बनाते समय शुरू में ही लगाया गया था। उन्होंने कहा कि प्रशासन को भी सूचित कर दिया गया है कि पुल के ऊपर से एक बार में एक ही भारी वाहन गुजर सकता है, और यह व्यवस्था बनाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।









