Big Breaking:-स्वच्छता सर्वेक्षण फीडबैक में देहरादून शीर्ष पर, काशीपुर दूसरे स्थान पर

स्वच्छता सर्वेक्षण के फीडबैक में देहरादून के लोग प्रदेश में सबसे आगे हैं, जबकि काशीपुर दूसरे स्थान पर है। काशीपुर का लक्ष्य फीडबैक अवधि तक देहरादून से आगे निकलना है।

काशीपुर (ऊधम सिंह नगर)। स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए फीडबैक देने में दून के लोग सबसे आगे हैं, जबकि काशीपुर दूसरे नंबर पर है। 15 हजार के लगभग फीडबैक के साथ देहरादून प्रदेश में शीर्ष पर है।

काशीपुर नगर के 11 हजार से अधिक नागरिकों ने स्वच्छता को लेकर अपनी राय व्यक्त की है। काशीपुर का लक्ष्य फीडबैक अवधि तक देहरादून से आगे निकलना है। प्रदेश के अन्य नौ नगर निगम में संख्या 10 हजार से नीचे है।

केंद्र सरकार ने स्वच्छता सर्वेक्षण के 10वें संस्करण के लिए सिटीजन फीडबैक अप्रैल से शुरू कर दिया था। इस बार देश के 4909 शहरों को शामिल किया गया है।

उत्तराखंड का देहरादून तीन से 10 लाख जनसंख्या वाले शहरों की सूची में शामिल एकमात्र निगम है। काशीपुर, रुद्रपुर, हल्द्वानी, हरिद्वार, रुड़की, ऋषिकेश तीन लाख जनसंख्या वाले शहरों में आते हैं।

अभी तक फीडबैक में काशीपुर से मामूली अंतर के साथ रुद्रपुर तीसरे स्थान पर है। रुड़की, तीर्थ नगरी ऋषिकेश शहर भी फीडबैक देने में पीछे हैं।

रुड़की में तीन हजार, ऋषिकेश, अल्मोड़ा, श्रीनगर व पिथौरागढ़ में दो हजार से कम नागरिकों ने फीडबैक दिया है। फीडबैक में 13 प्रश्न पूछे जा रहे हैं।

10,500 अंकों के लिए 10 बिंदुओं की कसौटी पर शहरों को परखा जाना है। इसमें सिटीजन फीडबैक की श्रेणी में 1000 अंक मिलेंगे। पिछली बार तीन लाख तक जनसंख्या वाले 417 शहरों में रुद्रपुर ने प्रदेश में पहला व देश में 68वां स्थान पाया था।

सिटीजन फीडबैक में प्रदेश के नगर निगम

  • देहरादून 14,981
  • काशीपुर 11,250
  • रुद्रपुर 9,801
  • कोटद्वार 6,333
  • हल्द्वानी 6,238
  • हरिद्वार 6,127
  • रुड़की 2,848
  • ऋषिकेश 1,638
  • अल्मोड़ा 1,440
  • श्रीनगर 1,121
  • पिथौरागढ़ 1,047

प्रदेश में 1.18 लाख लोग फीडबैक दे चुके

प्रदेश के 107 नगर निकाय व नौ कैंट क्षेत्र स्वच्छता सर्वेक्षण में शामिल हैं। 13 मई तक प्रदेश में 1.18 लाख लोग फीडबैक दे चुके थे।

महाराष्ट्र, राजस्थान, ओडिशा, बिहार, केरल राज्य भी एक से तीन लाख फीडबैक के बीच हैं। उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक 28 लाख, मध्य प्रदेश में 16 लाख लोग अपनी राय दे चुके हैं।

जानकार कहते हैं कि फीडबैक अधिक होने का मतलब है कि नागरिक स्वच्छता व अपनी जिम्मेदारी को लेकर सजग हैं।

निगम कार्मिकों व महिला समूहों को फीडबैक लेने लगाया है। पार्षदों का भी सहयोग ले रहे हैं। 24 मई तक होने वाले फीडबैक में अधिक से अधिक नागरिकों की भागीदारी करने का प्रयास है।
– रविंद्र सिंह बिष्ट, नगर आयुक्त काशीपुर

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