
देहरादून से मसूरी के लिए अब तीन मार्ग होंगे, जिससे यात्रा का समय घटकर 30 मिनट रह जाएगा।
देहरादून। देहरादून से मसूरी जाने के लिए अभी तक एक ही मुख्य रास्ता था, जिस पर पूरा दबाव पड़ता था, लेकिन केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बाहरी यातायात को देहरादून के बाहर से गुजारने पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, इसके बाद मसूरी के लिए प्रस्तावित झाझरा-मसूरी टू-लेन मार्ग को लेकर एनएचएआइ ने गति तेज कर दी है।

झाझरा-मसूरी मार्ग बनने के बाद देहराूदन में मसूरी जाने के तीन मार्ग हो जाएंगे। वहीं ट्रैफिक भी तीन अलग-अलग मार्गों में बंट जाएगा। तब मसूरी के सफर को 30 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।
इससे सफर तेज, सुरक्षित और जाम मुक्त होगा। एनएचएआइ के परियोजना निदेशक सौरभ सिंह ने कहा कि प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है, जल्द सभी प्रक्रियाएं पूरी कराकर निर्माण शुरू कराया जाएगा।

पहला मार्ग: राजपुर रोड-मसूरी (पारंपरिक मार्ग)
यह सबसे पुराना और मौजूदा समय का मुख्य मार्ग है। इसका रूट देहरादून -राजपुर रोड- कुठालगेट-मसूरी, अभी पूरा दबाव इसी रास्ते पर रहता है।
दूसरा मार्ग- किमाड़ी वैकल्पिक मार्ग
यह दूसरा विकल्प है, जो भीड़ से बचने के लिए अपनाया जाता है। इसका रूट देहरादून- किमाड़ी -मसूरी है। इसकी खासियत कम ट्रैफिक, शांत रास्ता है, कई बार वर्षाकाल में यह अक्सर क्षतिग्रस्त व बंद हो जाता है। आल वेदर विकल्प नहीं है।
बनेगा नया मार्ग- झाझरा-मसूरी टू-लेन हाइवे
- रूट: झाझरा-चासकोट-खनिज नगर-दो सुरंगें- लाइब्रेरी चौक
- लंबाई: 42 किमी
- लागत: 3500 करोड़
- खासियत: मसूरी का यातायात देहरादून बाइपास के जरिए इस मार्ग से गंतव्य तक पहुंचेगा। इससे मसूरी का सफर घटकर 30 मिनट रह जाएगा। यही मसूरी के लिए भविष्य का मुख्य कारिडोर होगा।
सुरंगें बदलेंगी पूरा खेल
- जार्ज एवरेस्ट के नीचे 2.9 किमी सुरंग
- मसूरी हिल सेक्शन में 2 किमी सुरंग
देहरादून को कैसे मिलेगी राहत
- शहर में घुसने वाला बाहरी ट्रैफिक सीधे डायवर्ट होगा
- राजपुर रोड का दबाव कम होगा
- जाम का दायरा शहर से बाहर शिफ्ट होगा
- स्थानीय निवासियों की आवाजाही आसान होगी
उत्तरकाशी-गंगोत्री का ट्रैफिक भी होगा डायवर्ट
- यह हाइवे आगे उत्तरकाशी और गंगोत्री रूट से जुड़ेगा।
- वाडिया हिमालयी भू-विज्ञान संस्थान भू-वैज्ञानिक सर्वे कर रहा है।
- मिट्टी, चट्टानों और भूस्खलन की जांच के बाद ही होगा निर्माण।
मसूरी पर पर्यटन का भार
- 2000: 8.5 लाख पर्यटक
- 2019 : 30.2 लाख
- 2025: 21 लाख
इसलिए नए मार्ग की जरूरत
- मौजूदा मसूरी मार्ग पर भारी जाम
- गलोगी क्षेत्र में बाटलनेक
- किमाड़ी मार्ग बारिश में बंद









