Big Breaking:-उत्तराखंड हलाला केस: पीड़िता के घर पहुंचीं अल्पसंख्यक आयोग की उपाध्यक्ष, UCC को बताया न्याय की किरण

बुग्गावाला में हलाला का पहला मुकदमा दर्ज होने के बाद अल्पसंख्यक आयोग की उपाध्यक्ष फरजाना बेगम पीड़िता के घर पहुंचीं। उन्होंने यूसीसी को मुस्लिम महिलाओं के लिए न्याय की उम्मीद बताया और पीड़ित परिवार को सरकारी समर्थन का आश्वासन दिया।

रुड़की। बुग्गावाला थाने में यूसीसी एक्ट के तहत हलाला का पहला मुकदमा दर्ज होने के बाद अल्पसंख्यक आयोग की उपाध्यक्ष फरजाना बेगम पीड़िता के घर पहुंची और परिवार के लोगों सभी मुलाकात की।

उन्होंने कहा है कि यूसीसी लागू होने से मुस्लिम बहनों को इंसाफ की आग जगी है। इस तरह का मामलो से बहने परेशान थी।

उन्होंने कहा है कि पीड़ित परिवार के साथ सरकार खड़ी हुई । उन्होंने कहा कि विपक्ष को भी आगे आकर इसकी तारीफ करनी चाहिए। इस मामले में उन्होंने पीड़ित महिला के आगे जाकर इंसाफ के लिए आवाज उठाने की भी तारीफ की है।

क्या है मामला

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू होने के बाद हलाला मामले में पहली बार मुकदमा दर्ज किया गया है। रुड़की के बुग्गावाला क्षेत्र में एक महिला ने आरोप लगाया कि तीन तलाक के बाद उसे हलाला के लिए मजबूर किया गया और दहेज उत्पीड़न भी किया गया।

पुलिस ने जांच के बाद पति सहित नौ लोगों के खिलाफ यूसीसी के तहत आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया है। महिला का आरोप है कि शादी के बाद उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया और बाद में तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया गया।

इसके बाद दोबारा साथ रखने की शर्त पर हलाला का दबाव बनाया गया। मामले को यूसीसी के तहत दर्ज एक अहम कानूनी कदम माना जा रहा है।

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