
जौनसार बावर के खारसी गांव में 29 अप्रैल को एक ही दिन पांच भाइयों और एक बहन की शादी होगी, जिसमें पांच बहुएं ससुराल आएंगी और एक बेटी विदा होगी।
त्यूणी। जौनसार बावर के खारसी गांव में 29 अप्रैल का दिन खास बनने जा रहा है। क्षेत्र में पहली बार संयुक्त परिवार के पांच भाई और एक बहन की शादी एक ही दिन तय हुई है। इसके तहत पांच बहुएं एक साथ अपने ससुराल आएंगी और बेटी की विदाई होगी।
इसे लोक परंपरा की विशेषता और संयुक्त परिवार में एकजुटता के संदेश के रूप में देखा जा रहा है। साथ ही फिजूलखर्ची पर रोक भी लग सकेगी। क्षेत्र में शादी समारोह का यह पहला मौका है जब एक ही घर में परिवार के एक साथ छह सदस्यों की शहनाई बजेगी।
एक ही छत के नीचे अपने सुख-दुख मिलकर बांटते लोग
जौनसार क्षेत्र अपने विशेष रीति रिवाज, लोकसंस्कृति, तीज-त्योहार और मेलों के लिए जाना जाता है। यहां सदियों पुरानी संयुक्त परिवार की परंपरा आज भी कायम है। विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान रखने वाले जौनसारी जनजाति समाज के लोग एक ही छत के नीचे अपने सुख-दुख मिलकर बांटते हैं।
इसी के तहत खारसी निवासी संयुक्त परिवार के मुखिया दौलत सिंह चौहान और उनके छोटे भाई मोहन सिंह चौहान ने अपने पांच बेटों और एक बेटी की शादी एक साथ कराने का निर्णय लिया है। 28 से 30 अप्रैल तक तीन दिन चलने वाले मांगलिक कार्यक्रम में मामा और जोजोडिये (बरातियों) के विशेष स्वागत की परंपरा है।
दो भाइयों के छह बच्चों का विवाह संस्कार
दौलत सिंह के तीन बेटे नरेन्द्र की शादी खत शैली के हयोऊ निवासी अंजू, राहुल की शादी खत बिशलाड के जोगियो निवासी आंचल और प्रदीप की शादी जोगियो निवासी निक्की के साथ होगी। उनके छोटे भाई मोहन सिंह के बेटे प्रीतम का रिश्ता हयोऊ निवासी पुनीता, अमित का भरम खत के गोरछा निवासी निर्मला और बेटी राधिका का रिश्ता खत शैली के मरलऊ निवासी रणवीर के साथ तय हुआ है।
ये होगा विशेष
- स्थानीय वाद्ययंत्र, लोकनृत्य व परंपरागत परिधान विवाह समारोह की शोभा बढ़ाएंगे।
- महिलाओं के लिए विशेष रइणी भोज और अन्य मेहमानों को रात्रि भोज में स्थानीय पकवान परोसे जाएंगे।
- विवाह समारोह में मामा और जोजोडिये के विशेष स्वागत की परंपरा का निर्वहन होगा।









